जीवों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण की आवश्यकता : कुलपति

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पलामू, 02 अक्टूबर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय और वन प्रमंडल, मेदिनीनगर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वन्यजीव सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभात फेरी के साथ हुआ। विश्वविद्यालय परिसर से निकली प्रभात फेरी के दौरान छात्र-छात्राओं और स्वयंसेवकों ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया।

प्रभात फेरी जीएलए कॉलेज परिसर, मुख्य सड़क होते हुए विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंची। प्रतिभागियों ने ‘प्रकृति की रक्षा, देश की सुरक्षा’, ‘वन्यजीवों का सम्मान, धरती का अभिमान’ और ‘वन्यजीव बचाओ, प्रकृति बचाओ’ जैसे नारे लगाकर वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश दिया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि जंगलों का क्षेत्र घटने के कारण जंगली जीवों का रुख शहरों और आबादी वाले इलाकों की ओर हो रहा है। इसे रोकने के लिए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना जरूरी है। इसके लिए जंगलों की कटाई पर रोक के साथ संरक्षण के प्रयास तेज करने होंगे।

वन विभाग के आईएफएस अधिकारी पी. लव कुमार ने कहा कि अभियान के जरिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और जंगलों को विकसित व सुरक्षित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को मजबूत करने और उनके संरक्षण में मदद मिलेगी।

विश्वविद्यालय के छात्र-कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. (कैप्टन) सुरेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि मनुष्य का अस्तित्व प्रकृति और अन्य जीवों के साथ समन्वय पर निर्भर है। जीव-जंतुओं का संरक्षण ही पृथ्वी और मानव जीवन की सुरक्षा का आधार है।

एनएसएस समन्वयक डॉ. संगीता कुजूर ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी ने अपने जीवन दर्शन में इन सिद्धांतों को प्रमुख स्थान दिया था।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के एनएसएस स्वयंसेवक, छात्र-छात्राएं और वन प्रमंडल, मेदिनीनगर के प्रतिनिधि शामिल हुए।

वन्यजीव सप्ताह के तहत पांच अक्टूबर को विश्वविद्यालय मुख्यालय में वन्यजीवन और उसके संरक्षण पर चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सात अक्टूबर को समापन समारोह होगा। इस दौरान प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।————