शिमला : फ्लैशर लाइट के इस्तेमाल पर रोका वाहन, पुलिसकर्मी से बहस के बाद दो लोगों पर एफआईआर

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शिमला, 23 अक्टूबर । राजधानी शिमला के संजौली चौक पर वाहन के डैशबोर्ड पर अनधिकृत फ्लैशर लाइट लगाने के मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार 22 अक्टूबर को यातायात ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने फ्लैशर लाइट का इस्तेमाल कर रहे वाहन को रोका था। इसके बाद वाहन से उतरे एक व्यक्ति और पुलिसकर्मी के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान दो लोगों ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे धमकाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

शिमला पुलिस के अनुसार संजौली चौक पर यातायात ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी ने एक वाहन को उसके डैशबोर्ड पर अनधिकृत फ्लैशर लाइट का इस्तेमाल किए जाने के कारण रोका था। वाहन रोके जाने के बाद उसमें सवार एक व्यक्ति बाहर आया और पुलिसकर्मी से उसका नाम तथा पद पूछने लगा। इसके बाद दोनों व्यक्तियों की पुलिसकर्मी के साथ बहस हुई। पुलिस के मुताबिक उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकी देते हुए सरकारी ड्यूटी के निर्वहन में बाधा उत्पन्न की। इस घटनाक्रम के दौरान सड़क पर यातायात भी बाधित हुआ। मौके पर कुछ अन्य लोग भी पुलिसकर्मी के समर्थन में एकत्रित हो गए।

पुलिसकर्मी की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस थाना संजौली में 22 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान राहुल शर्मा पुत्र देश राज शर्मा निवासी ढली और अर्णव पुत्र मदन शर्मा, निवासी लोअर कलस्टन, शिमला के रूप में की है। मामले की जांच पुलिस थाना संजौली की ओर से की जा रही है।

घटना के संबंध में संबंधित व्यक्तियों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि इस दौरान उन पर पिस्तौल तानी गई थी। पुलिस की ने इस आरोप को निराधार बताया गया है। पुलिस के अनुसार प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह आरोप अपने बचाव में लगाया गया प्रतीत होता है और उपलब्ध तथ्यों से इसकी पुष्टि नहीं होती है।