जयपुर, 23 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने संविदा पर कार्यरत प्रार्थी फार्मासिस्ट को अदालती आदेश के बावजूद दुबारा काम पर वापस नहीं लेने पर प्रमुख चिकित्सा सचिव, जन स्वास्थ्य चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर के निदेशक व संयुक्त चिकित्सा निदेशक भरतपुर सहित अन्य अफसरों को अवमानना नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने इन अफसरों से जवाब मांगा है कि उन्होंने आदेश की पालना क्यों नहीं की है। जस्टिस अनुरूप सिंघी ने यह निर्देश मोहित शर्मा की अवमानना याचिका पर दिया।
अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि प्रार्थी कई सालों से करौली जिले के नादौती के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। इस दौरान उसे 10 जुलाई के आदेश से फार्मासिस्ट पद से हटा दिया गया। इस कार्रवाई को उसने हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने प्रार्थी को राहत देकर उसे हटाने वाले आदेश पर रोक लगा दी और उसे सेवा में लगातार जारी रखने का निर्देश दिया। लेकिन चिकित्सा विभाग ने इस आदेश की पालना नहीं की और उसे सेवा में वापस नहीं लिया। प्रार्थी ने अदालती आदेश की पालना के लिए अवमानना याचिका दायर की।
