इतिहास के पन्नों में 21 अक्टूबर : सुभाष चंद्र बोस ने बनाई स्वंतत्र भारत की वैकल्पिक सरकार

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भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 21 अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। वर्ष 1943 में इसी दिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति के रूप में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार की स्थापना की थी। इसे ‘आरजी हुकूमत-ए-आजाद हिंद’ यानी आजाद हिंद की अस्थायी सरकार नाम दिया गया। इस पहल ने ब्रिटिश शासन से भारत को मुक्त कराने के उनके संकल्प को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक राजनीतिक स्वरूप दिया।

23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में जन्मे सुभाष चंद्र बोस का मानना था कि ब्रिटिश साम्राज्य की मजबूत सत्ता को चुनौती देने के लिए सशस्त्र संघर्ष जरूरी है। देशसेवा के इसी जुनून के चलते उन्होंने भारतीय सिविल सेवा की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़ दी और 1921 में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए। उनके क्रांतिकारी विचारों, अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता ने युवाओं को खासा प्रभावित किया।

नेताजी ने आजादी की लड़ाई को जनांदोलन के साथ-साथ सैन्य संघर्ष का रूप देने की दिशा में भी काम किया। उन्होंने आजाद हिंद फौज के सैनिकों और देशवासियों में स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने का जज्बा जगाया। उनका ओजपूर्ण आह्वान ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रभावशाली नारों में शामिल हो गया।

आजाद हिंद सरकार की स्थापना का उद्देश्य भारत की स्वतंत्रता के लिए एक वैकल्पिक शासन व्यवस्था प्रस्तुत करना और ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष को मजबूती देना था। नेताजी के नेतृत्व में आजाद हिंद फौज ने भारत की आजादी के लिए सैन्य अभियान भी चलाए।

1555 – इंग्लैंड के संसद ने फिलिप को स्पेन के राजा के रुप मे मानने से मना किया।

1727 – रूस और चीन ने सीमाओं को सही करने के लिए समझौते किये।

1797 – अमेरिकी नौसेना के लिए बनाए गए पहले मालवाहक जहाजों में से एक द कंस्टीच्यूशंस का बोस्टन में जलावतरण किया गया।

1805 – स्पेन के तट पर ट्राफलगर की लड़ाई में फ्रांस और स्पेन की 33 पोत के बेड़े वाली संयुक्त नौसेना को ब्रिटेन की 27 पोत के बेड़े वाली नौसेना ने पराजित किया।

1833 – स्वीडन के स्टॉकहोम में अल्फ्रेड नोबेल का जन्म हुआ जिन्हें डायनामाइट के खोजकर्ता के तौर पर जाना जाता है।

1854 – फ्लोरेंस नाइटींगेल को 38 नर्स कर्मचारी के साथ क्रिमिया युद्ध में भेजा गया।

1918 – मार्गेट ओवन ने 01 मिनट में 170 वीपीएम की टाइपिंग स्पीड के साथ विश्व रिकार्ड स्थापित किया।

1934 – नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना सिंगापुर में की।

1943 – नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने स्वतंत्र भारत की प्रांतीय सरकार बनाई।

1945 – फ्रांस में महिलाओं को पहली बार वोट करने का अधिकार मिला।

1948 – संयुक्त राष्ट्र ने आण्विक हथियार नष्ट करने के रूस के प्रस्ताव को ठुकराया।

1950 – चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी तिब्बत में दाखिल हुई और कुनलुन तथा हिमालय की विशाल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच 16000 फुट की ऊंचाई पर स्थित इस आध्यात्मिक और शांतिप्रिय देश पर कब्जा कर लिया।

1954 – भारत और फ्रांस ने पुडुचेरी, कराइकल और माहे को भारतीय गणतंत्र में शामिल करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया। यह समझौता 01 नवम्बर से लागू हुआ।

1970 – नारमन इ बारलॉग को नोबेल का शांति पुरस्कार दिया गया।

2003 – चीन और पाकिस्तान का नौसैनिक अभ्यास प्रारम्भ। चीन ने 4-बी कैरियर राकेट से दो उपग्रहों का प्रक्षेपण किया।

2005 – सामूहिक बलात्कार की शिकार पाकिस्तान के मुख्तारन माई ‘वूमैन आफ़ द इयर’ चुनी गई।

2007 – भारतीय मूल के अमेरिकी बॉबी जिंदल ने अमेरिका के लुसियाना प्रान्त के गवर्नर पद पर अपनी जीत दर्ज की।

2008 – भारत व पाकिस्तान के बीच 61 वर्ष बाद कारवाँ-ए-तिजास शुरू हुआ।

2012- सायना नेहवाल ने डेनमार्क ओपन सुपर सीरीज ख़िताब अपने नाम कर लिया।

2013 – कनाडा की संसद ने मलाला युसफजई को कनाडा की नागरिकता प्रदान की।

2014 – प्रसिद्ध पैरालम्पिक धावक आस्कर पिस्टोरियोस को अपनी प्रेमिका रीवा स्टीनकेंप की हत्या के लिये पांच साल की कैद की सजा।

1830 – नैन सिंह रावत – हिमालयी इलाकों की खोज करने वाले पहले भारतीय थे।

1925 – सुरजीत सिंह बरनाला – पंजाब के राजनीतिक दल शिरोमणि अकाली दल के राजनीतिज्ञ तथा भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।

1937 – फारूक अब्दुल्ला – भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य के एक प्रसिद्ध राजनेता हैं। वह जम्मू-कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

1957 – अशोक लवासा – भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त रहे हैं।