सुपौल, 18 सितंबर । जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर जलजमाव वाले चौर क्षेत्रों के किसानों की आय बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार ने शुक्रवार को जलजमाव वाले चौर क्षेत्रों का भ्रमण किया और किसानों के साथ मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
भ्रमण के दौरान किशनपुर प्रखंड क्षेत्र में कोसी महासेतु के समीप किसानों के साथ बैठक आयोजित की गई। डीडीसी ने कहा कि सुपौल में व्यापक जल क्षेत्र उपलब्ध है, जिसे देखते हुए जिले में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। जलजमाव वाले ऐसे क्षेत्रों का उपयोग आधुनिक तरीके से मत्स्य पालन के लिए किया जाए तो किसानों को अतिरिक्त आय का साधन मिल सकता है। जिला मत्स्य पदाधिकारी संजय कुमार ने किसानों को मत्स्य संपदा के विकास से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं तथा किसानों की आय बढ़ाने के विभिन्न स्रोतों के बारे में विस्तार से बताया।
बैठक में किसानों ने बताया कि कई किसानों के खेत पूरे वर्ष जलप्लावित रहते हैं। ऐसी जमीन से वर्तमान में उन्हें कोई आय नहीं हो पाती है। किसानों ने कहा कि यदि सरकार के सहयोग से इन क्षेत्रों में आधुनिक तरीके से मत्स्य पालन की व्यवस्था की जाती है तो जलजमाव वाली भूमि का बेहतर उपयोग होने के साथ किसानों की आय भी बढ़ सकती है। इस दिशा में किसानों ने प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीडीसी ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर मत्स्य पालन की योजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध जल क्षेत्र और किसानों की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
बैठक में किशनपुर की प्रखंड विकास पदाधिकारी पिंकी कुमारी, स्थानीय मुखिया, जनप्रतिनिधि, किसान एवं संबंधित विभाग के कर्मी मौजूद थे।