रामबाग पैलेस होटल के स्टाफ क्वार्टर खाली करें, अन्यथा दो साल का कारावास भुगतें

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जयपुर, 29 सितंबर । आर्थिक अपराध मामलों की एसीजेएम कोर्ट महानगर द्वितीय ने रामबाग पैलेस होटल के स्टाफ क्वार्टर को लेकर होटल प्रबंधन पक्ष में फैसला दिया है। कोर्ट ने जगरूप सिंह पर कंपनी एक्ट के तहत 10 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए निर्देश दिया कि वह स्टाफ क्वार्टर नंबर एम- 43 को खाली कर उसका कब्जा परिवादी कंपनी को दे। ऐसा नहीं करने पर वह दो साल का साधारण कारावास भुगतने के लिए जिम्मेदार होगा।

रामबाग पैलेस होटल के अधिवक्ता दीपक चौहान ने बताया जगरूप सिंह ने रिटायरमेंट के बाद भी आवासीय सुविधा के लिए दी संपत्ति खाली नहीं की और ना ही कंपनी को उसका कब्जा ही संभलाया। रामबाग पैलेस होटल के पावर ऑफ अटार्नी होल्डर श्रवण सिंह ने कोर्ट में दायर परिवाद में कहा कि परिवादी कंपनी, एसएमएस इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन से किराए पर भवन लेकर उसे अपने कर्मचारियों की आवासीय सुविधा के लिए देती है। जगरूप सिंह के सेवाकाल में उसे भी एक मार्च 1978 को क्वार्टर रहने के लिए दिया था। उसे 31 मार्च 2010 को उसे सेवा से हटा दिया, लेकिन उसने परिसर खाली नहीं किया। जवाब में जगरूप सिंह की ओर से कहा गया कि वह परिसर में नौकरी से पहले से रह रहा था। उसे परिसर खाली करवाने के लिए ही होटल प्रबंधन ने नौकरी से निकाला था।