प्रयागराज, 11 सितंबर ।मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय होने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में 10 सितंबर के आसपास नया कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ एस एन सुनील पांडेय ने बताया कि यह मौसम प्रणाली 11 सितंबर से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 12 सितंबर तक देश के अंदरूनी हिस्सों में पहुंच सकती है।
इसके प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला बढ़ने की संभावना है। कानपुर मंडल समेत प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद सिस्टम के पश्चिम की ओर आगे बढ़ने पर मध्य प्रदेश, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तरी तेलंगाना और गुजरात के कुछ हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं।
मध्य प्रदेश में अलग-अलग चरणों में तेज बारिश हो सकती है। वहीं, लंबे समय से बारिश की कमी वाले आंतरिक महाराष्ट्र के क्षेत्रों को भी इस मौसम प्रणाली से राहत मिलने की उम्मीद है। पूर्वी राजस्थान में भी मानसून की विदाई से पहले बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव क्षेत्र मानसून की गतिविधियों को दोबारा सक्रिय कर सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ मध्य भारत और पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश का असर पहुंच सकता है। मानसून की विदाई से पहले यह सिस्टम कई क्षेत्रों में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है।