नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म में दो किशोरों को 20-20 साल की सजा

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हमीरपुर, 25 सितंबर । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में नाबालिग किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के आठ साल पुराने मामले में शुक्रवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने दो दोषी किशोरों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने दोनों पर 16-16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

विशेष लोक अभियोजक रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामला मौदहा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 19 अगस्त 2016 को नाबालिग पीड़िता लापता हो गई थी। अभियोजन के अनुसार, उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया और करीब तीन माह तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। किसी तरह पीड़िता बांदा रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां जीआरपी की मदद से उसे परिजनों तक पहुंचाया गया। इसके बाद पीड़िता की मां की तहरीर पर मौदहा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया और कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत के आदेश के बाद दोनों के दंड वारंट तैयार कर उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया।