एसपीयू के इतिहास विभाग में विद्यार्थी मार्गदर्शन एवं विकास प्रकोष्ठ की स्थापना

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मंडी, 26 सितंबर । सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) मंडी के इतिहास विभाग द्वारा विद्यार्थियों के शैक्षणिक, करियर, शोध, मानसिक स्वास्थ्य एवं समग्र व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी मार्गदर्शन एवं विकास प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है।

विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह पहल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी के निर्देशों तथा छात्र मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है।

इस सन्दर्भ में कुलपति आचार्य ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि मेंटोर–मेंटी व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच निरंतर एवं सकारात्मक संवाद स्थापित होगा। इससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक कठिनाइयों, करियर संबंधी जिज्ञासाओं तथा व्यक्तिगत एवं भावनात्मक आवश्यकताओं को समय रहते समझने और उचित मार्गदर्शन प्रदान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को संवेदनशीलता, गोपनीयता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ समझना आवश्यक है उन्होंने मेंटोरों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय की संबंधित समितियों के साथ समन्वय स्थापित करें।

उन्होंने विभाग को इस पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सशक्त विद्यार्थी ही सशक्त विश्वविद्यालय और विकसित समाज की आधारशिला हैं।

प्रकोष्ठ की व्यवस्था के अंतर्गत डॉ. राकेश कुमार शर्मा, विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग को अध्यक्ष, विकेश कुमार को समन्वयक तथा डॉ. रामपाल, राजेश शर्मा एवं कृष्ण चंद को सदस्य बनाया गया है। विभाग के विद्यार्थियों को विभिन्न मेंटोरों के समूहों में विभाजित कर नियमित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान करना ही नहीं बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, जिम्मेदार, संवेदनशील एवं समग्र रूप से विकसित व्यक्तित्व के रूप में तैयार करने के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना है। मेंटोर–मेंटी व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेंटर द्वारा अपने मेंटी विद्यार्थियों के साथ प्रत्येक सप्ताह कम-से-कम एक बार संवाद किया जाएगा।

विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति एवं अन्य आवश्यकताओं की मासिक समीक्षा की जाएगी तथा प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रतिवेदन विभागाध्यक्ष के माध्यम से संबंधित समिति को प्रस्तुत किया जाएगा।बैठक में इतिहास विभाग के सभी आचार्य व एम ए के विधार्थी उपस्थित रहे।