भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत के लिए तैयार : ओवैसी

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कानपुर, 20 सितंबर । उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में हाेने वाली विधानसभा चुनाव काे लेकर सभी दलाें ने कमर कस ली है। इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार रात काे कानपुर नगर में बाबूपुरवा ईदगाह में आयोजित एक जनसभा काे संबाेधित किया। उन्हाेंने मंच से एक ओर जहां समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा तो दूसरी ओर भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्षी दलों से बातचीत के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को लेकर दो अक्टूबर तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

औवेसी ने आगे कहा कि बिहार में भी एआईएमआईएम ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की कोशिश की थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। उनकी पार्टी अपने राजनीतिक विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। उन्हाेंने कहा कि मुस्लिम समाज को अब अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी और अधिकारों को लेकर खुद फैसला करना होगा। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर नए राजनीतिक विकल्प पर जल्द तस्वीर साफ होगी।

उन्होंने मुस्लिम समाज से शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। ओवैसी ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे मुस्लिम भाई हैं, जिन्होंने 15 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी प्राथमिक शिक्षा पूरी नहीं की है। मुस्लिम समाज को शिक्षा के साथ राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। केवल किसी दल का समर्थन करने के बजाय अपने प्रतिनिधित्व और अधिकारों के बारे में भी विचार करना होगा।

कानपुर में एआईएमआईएम की राजनीतिक गतिविधियों का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। वह प्रत्याशी के समर्थन में शहर की गलियों और लोगों के घरों तक जाएंगे। विधानसभा और लोकसभा में मुस्लिम समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं उठाने को कहा।

ओवैसी ने कानपुर में दो दिन पहले गिराए गए कब्रिस्तान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बर्रा क्षेत्र के पुराने कब्रिस्तान को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा है और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में भी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और कब्रिस्तानों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।