देहरादून, 07 सितंबर । मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने के बाद केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं का चयन किया जाए।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से संबंधित राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (एसएलएससी) की बैठक हुई। बैठक में कार्यक्रम के फेज-1 और फेज-2 के तहत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की गई और कई परियोजनाओं को संस्तुति प्रदान की गई।
बर्द्धन ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में सड़क और विद्युत ग्रिड कनेक्टिविटी, नेटवर्क, टेलीविजन एवं संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने सेना, एसएसबी और आईटीबीपी से संबंधित आवश्यक परियोजनाओं को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित जिलों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने को कहा।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में परियोजनाओं की प्राथमिकता स्पष्ट हो और सूची प्राथमिकता के अवरोही क्रम में तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए केंद्र या राज्य की अन्य योजनाओं से वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं, उन्हें संबंधित योजनाओं के माध्यम से वित्तपोषित कराने का प्रयास किया जाए। ऐसी परियोजनाओं के स्थान पर वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में अन्य जरूरी परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने प्रत्येक संबंधित जिले से पांच-पांच बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इनमें कनेक्टिविटी, बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन, आजीविका तथा सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखने को कहा गया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डीजी कारागार अभिनव कुमार, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर, आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।