चंडीगढ़, 25 सितंबर । देश के भीतर चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने और उसे नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए आज हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि आए दिन ऐसे सबूत सामने आ रहे हैं, जिनसे साफ पता चलता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त किस तरह बिक चुके हैं और भाजपा को चुनाव जिताने के लिए उनके साथ मिलकर साजिशें रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। वडिंग ने कहा कि जिसे चुनावी जीत कहा जा रहा है, वह वास्तव में सीधी-सीधी वोट-चोरी है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में भी यही कुछ हुआ है। किसी को यकीन नहीं था कि जिन दोनों राज्यों में भाजपा लोकसभा चुनाव बुरी तरह हार गई थी, वहां महज कुछ महीनों बाद ही वह कैसे जीत सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भी बड़े स्तर पर हेरा-फेरी हुई थी।
वडिंग ने जोर देकर कहा कि पंजाब में मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। यह सिर्फ वास्तविक मतदाताओं के हक छीनने का एक जरिया है, खासकर उन मतदाताओं के जिनके बारे में भाजपा को शक है कि वे उन्हें वोट नहीं देंगे। उन्होंने मांग की कि पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव पिछली लोकसभा चुनाव वाली मतदाता सूचियों के आधार पर ही करवाए जाएं। कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर यह आरोप भी लगाया कि नए वोट बनवाने के नियम इतने कठिन कर दिए गए हैं कि पहली बार वोट बनवाने वाले युवाओं को मताधिकार से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 में ऐसी सख्त शर्तें रख दी गई हैं, जिन्हें पूरा करना किसी आम इंसान के बस की बात नहीं है। यह सब नई पीढ़ी जेनज़ी को वोट के अधिकार से दूर रखने की कोशिश है, क्योंकि भाजपा भली-भांति जानती है कि युवा उन्हें कभी वोट नहीं देंगे।
इस मौके पर संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से यह बात कह रहे हैं कि चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बनकर काम कर रहा है और दोनों मिलकर चुनावों में घोटालेबाजी कर रहे हैं। रंधावा ने कहा कि आज भाजपा और चुनाव आयोग दोनों ही देश की जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने देश के चुनाव तंत्र के विश्वास को बहुत गहरी चोट पहुंचाई है, जिसे पुनः बहाल करने में लंबा समय लगेगा। उन्होंने कहा कि बिगड़े हुए चुनावी ढांचे को ठीक करने का पहला कदम मौजूदा सीईसी को तुरंत हटाना है।
इस प्रदर्शन में एआईसीसी सचिव सूरज ठाकुर, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सांसद धरमवीर गांधी, कार्यकारी अध्यक्ष सुखविंदर सिंह डैनी, कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका, एआईसीसी के सह-कोषाध्यक्ष विजय इंदर सिंगला, पीपीसीसी के कोषाध्यक्ष अमित विज, पीपीसीसी के महासचिव संदीप सिंह संधू, विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, विधायक राणा गुरजीत सिंह, विधायक परगट सिंह, विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, फ्रंटल संगठन के अध्यक्ष बलजीत कौर, गुरप्रीत सिंह लक्की पक्खो, जगसीर सिंह, जसप्रीत सिंह, पूर्व स्पीकर राणा कंवरपाल सिंह, पूर्व सांसद जसबीर सिंह डिम्पा, पीवाईसी के पूर्व अध्यक्ष अमरप्रीत लाली, मोहित मोहिंद्रा और अन्य शामिल थे।