पश्चिमी सिंहभूम, 16 अगस्त । पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा सेल खदान में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर दिवेंदु दास (32) की अचानक मौत के बाद मजदूरों में शोक के साथ आक्रोश भी गहरा गया है। मृत अधिकारी के आश्रित को नौकरी देने और परिवार को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मजदूरों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के कारण शनिवार की रात की पाली से खदान क्षेत्र में आने-जाने वाली बसों का परिचालन रोक दिया गया, जिससे कर्मचारियों और मजदूरों का आवागमन प्रभावित होने के साथ लौह अयस्क का उत्पादन भी ठप हो गया।
जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को प्रथम पाली में ड्यूटी के दौरान दिवेंदु दास के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। तबीयत बिगड़ने पर सहकर्मी उन्हें तत्काल गुवा सेल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सेल के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार के अनुसार, घर लौटने के दौरान रास्ते में दिवेंदु दास को हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही खदान परिसर में शोक की लहर फैल गई।
मौत के बाद मजदूरों ने दिवेंदु दास की पत्नी को सेल में नौकरी देने और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। आंदोलन को गुवा सेल की प्रमुख यूनियनों का भी समर्थन मिला है। मजदूरों का कहना है कि दिवेंदु दास अपने वृद्ध माता-पिता के इकलौते वारिस थे और उनकी शादी को अभी महज एक वर्ष ही हुआ था। ऐसे में उनके निधन से परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है।
मजदूरों ने कहा कि कंपनी को परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए मानवीय आधार पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उनका कहना है कि मृत अधिकारी के परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उनकी पत्नी को कंपनी में नियोजित किया जाना चाहिए तथा उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
रविवार को भी बसों का परिचालन बाधित रहा और इसका सीधा असर खदान के कामकाज एवं उत्पादन पर पड़ा। आंदोलनरत मजदूर अपनी मांगों पर ठोस निर्णय की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक कंपनी की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, शनिवार रात करीब आठ बजे पुलिस की निगरानी में दिवेंदु दास के शव को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा भेजा गया। घटना के बाद पुलिस और प्रबंधन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मजदूरों के आंदोलन के कारण खदान क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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