जयपुर, 18 अगस्त । राजस्थान उच्च न्यायालय ने आरजीएचएस में करोडों रुपए के आर्थिक नुकसान के मामले में आरोपित चिकित्सक कमल कुमार और डायग्नोस्टिक सेंटर के साझेदार डॉ. बनवारी लाल की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
जस्टिस चन्द्र प्रकाश श्रीमाली ने अपने आदेश में कहा कि चिकित्सकों का समाज में एक सम्मानित स्थान है। स्वास्थ्य योजना में इस तरह का छल संपूर्ण चिकित्सा व्यवस्था और आमजन के विश्वास को आघात पहुंचाता है।
याचिकाओं में कहा गया कि याचिकाकर्ता लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में हैं और आरोप पत्र भी पेश हो चुका है। ऐसे में उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि सितंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच 1390 अरजीएचएस लाभार्थियों के नाम से फर्जी परामर्श पर्चियां बनाकर करीब 1.30 करोड रुपए का भुगतान प्राप्त कर लिया। वहीं मामले में कुल मिलाकर राज्य सरकार को 7 करोड रुपए की आर्थिक हानि पहुंचाने का आरोप है। ऐसे में आरोपिताें को जमानत नहीं दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने आरोपिताें की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है।