शिमला, 24 अगस्त । हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को प्रश्नकाल के बाद युवाओं को हर वर्ष एक लाख नौकरियां देने के सरकार के वादे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा सदस्यों रणधीर शर्मा, हंसराज, सुधीर शर्मा और राकेश जम्बाल ने नियम 67 के तहत इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था दी कि इस विषय को लेकर सदस्यों के प्रस्ताव नियम 63 और नियम 130 के तहत भी प्राप्त हुए हैं। चूंकि स्थगन प्रस्ताव भी इन्हीं मुद्दों से संबंधित हैं, इसलिए नियम 67 के बजाय इन्हें नियम 130 के तहत सूचीबद्ध किया जाएगा।
भाजपा सदस्य रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत चर्चा की मांग दोहराते हुए कहा कि यह युवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और इसकी नियम 67 के तहत ही चर्चा की जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चार साल में युवाओं के साथ भद्दा मजाक किया है और इस चर्चा से बचना चाहती है। उन्होंने सभी कार्य स्थगित कर तत्काल युवाओं से जुड़े मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नियम 67 का इस्तेमाल अत्यंत दुर्लभ परिस्थितियों में किया जाता है और इसे मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को नियम 130 में परिवर्तित किया गया है और इस पर अगले दिन भी चर्चा की जा सकती है।
इस पर रणधीर शर्मा ने कहा कि युवाओं का मुद्दा कांग्रेस के लिए भले ही ‘ड्रामा’ हो, लेकिन विपक्ष के लिए यह महत्वपूर्ण विषय है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि बेरोजगारी का मुद्दा इतना महत्वपूर्ण था तो राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के मुद्दे को 72 घंटे तक क्यों खींचा गया। उन्होंने सवाल किया कि उस समय बेरोजगारी का मुद्दा क्यों याद नहीं आया।
विधानसभा अध्यक्ष की व्यवस्था के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता पक्ष विपक्ष की बात को हल्के में ले रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में बेरोजगारी से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस ने पांच साल में पांच लाख और एक साल में एक लाख नौकरियां देने की गारंटी दी थी। विपक्ष जानना चाहता है कि पांच लाख नौकरियों का आंकड़ा अब तक कहां पहुंचा है। उन्होंने नियम 67 के तहत चर्चा कराने की मांग दोहराई।
संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार का कार्यकाल करीब सवा साल का बाकी है और कांग्रेस सरकार ने जनता से किए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा पूरा किया गया और अन्य गारंटियां भी पूरी की जा रही हैं तथा आगे भी पूरी की जाएंगी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए केंद्र में हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे का भी जिक्र किया और पूछा कि वह वादा कितना पूरा हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष ने इसके बाद स्पष्ट किया कि नियम 67 के तहत विपक्ष के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि नियम 67 अत्यधिक महत्वपूर्ण मामलों के लिए है, जबकि इसी विषय पर अन्य प्रस्ताव नियम 130 और नियम 63 के तहत भी प्राप्त हुए हैं। इसलिए नियम 67 के प्रस्ताव को खारिज करने के बजाय नियम 130 में परिवर्तित किया गया है।
प्रश्नकाल के बाद युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर करीब 20 मिनट तक चली बहस के बाद सदन में शून्यकाल शुरू हुआ।