पटना 09 अगस्त । चतुर्थ राष्ट्रीय अंगदान दिवस एवं द्वादश अंतरराष्ट्रीय अंगदान दिवस के संयुक्त कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को सम्मान, संकल्प एवं सप्तम् राज्यस्तरीय समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मृत्यु के बाद किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने से बड़ा सुखद और मानवीय अनुभव किसी परिवार के लिए नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अंगदान के प्रति जनजागरण के लिए चलाया जायेगा व्यापक अभियान।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान मानवता, करुणा और जीवन के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। अंगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने अंगदान के क्षेत्र में दधीचि देहदान समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा समिति से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति लोगों को जानकारी तो है, लेकिन लोग इसके लिए आगे नहीं आते हैं। मृत्यु के समय परिवार भावुक होता है और उस समय निर्णय लेना कठिन होता है इसलिए पहले से ही लोगों के बीच अंगदान के लिए जागरूकता और प्रेरणा का वातावरण तैयार करना होगा।
उन्होंने कहा कि किडनी दान से किसी दूसरे व्यक्ति को नया जीवन मिल सकता है और नेत्रदान से किसी के जीवन में उजाला आ सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में दधीचि देहदान समिति को एक सहयोगी के रूप में जोड़ने की पहल की जायेगी। जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में समिति के सदस्यों के माध्यम से लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करने की दिशा में सरकार सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान के क्षेत्र में यदि किसी प्रकार के कानून में बदलाव की आवश्यकता है तो सरकार इस दिशा में भी समिति के साथ बैठकर आवश्यक पहल करेगी। साथ ही, निजी अस्पतालों में भी अंगदान के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दधीचि देहदान समिति का अभियान केवल सरकार को सहयोग देने का नहीं, बल्कि पूरे बिहार की मानवता की सेवा का अभियान है। सरकार इस अभियान का पूरा लाभ उठाना चाहती है, क्योंकि सरकार का भी यही उद्देश्य है कि अंगदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशहाली लाई जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अंगदान और नेत्रदान भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सामाजिक सुधार, मानवता की सेवा और अंगदान के प्रति जनजागरण के लिए व्यापक अभियान चलाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने पूर्व उप मुख्यमंत्री स्व. सुशील मोदी को याद करते हुए कहा कि लंबे समय तक उनके मार्गदर्शन में अंगदान के क्षेत्र में काम किया गया। उन्होंने उनके योगदान को स्मरणीय बताया।
वहीं, मुख्यमंत्री ने असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य के बिहार आगमन पर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। कहा कि आचार्य का बिहार आना राज्य के लिए गौरव की बात है। उन्हाेंने आचार्य से बिहार आते रहने तथा राज्य के गौरवशाली इतिहास और विकास में अपना सहयोग देते रहने का आग्रह किया। कार्यक्रम में दधीचि देहदान समिति, बिहार के सदस्यों द्वारा अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।
उल्लेखनीय है कि, दधीचि देहदान समिति, बिहार द्वारा यह कार्यक्रम बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स, पटना के परिसर में आयोजित किया गया था।