किया। टीम ने संस्थान में पहुंचकर हाजिरी रजिस्टर सहित स्टाफ की उपस्थिति की जांच की।
इस दौरान एक कर्मचारी ड्यूटी से गैर हाजिर पाया गया। वहीं, ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी
द्वारा शराब का सेवन करने अथवा हुक्का पीने के लिए संस्थान से बाहर जाने की शिकायत
की जांच में कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया।
औचक निरीक्षण सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में किया
गया। टीम में शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र, एएसआई सुरेंद्र तथा
हेड कांस्टेबल विजय शामिल रहे। जानकारी के अनुसार सीएम फ्लाइंग टीम को शिकायत मिली थी कि बरवाला आईटीआई में
कुछ कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी से गैरहाजिर रहते हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया
गया था कि कुछ कर्मचारी ड्यूटी के दौरान हुक्का पीने के लिए संस्थान से बाहर चले जाते
हैं तथा कुछ कर्मचारी शराब का सेवन कर संस्थान में पहुंचते हैं। इस प्रकार की गतिविधियों
से संस्थान का माहौल प्रभावित हो रहा है और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी इसका प्रतिकूल
असर पड़ रहा है।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीएम फ्लाइंग टीम ने शिक्षा विभाग
के अधिकारी को साथ लेकर अचानक संस्थान का निरीक्षण किया।
टीम के संस्थान में पहुंचते ही सबसे पहले स्टाफ का हाजिरी रजिस्टर चेक किया
गया। इसके बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गयी। निरीक्षण के
दौरान कुलदीप, प्लंबर अनुदेशक, आधे दिन के बाद ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए। टीम ने उनकी
गैरहाजिरी के संबंध में संस्थान के अधिकारियों से जानकारी ली। बाद में कर्मचारी कुलदीप
ने संस्थान के कर्मचारियों के माध्यम से संदेश भिजवाया कि उनके घर पर अचानक आवश्यक
कार्य आ जाने के कारण उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए जल्दबाजी में घर जाना पड़ा।
सीएम फ्लाइंग टीम ने शिकायत में लगाए गए शराब का सेवन करने और ड्यूटी के दौरान
हुक्का पीने के आरोपों की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान कोई भी कर्मचारी शराब के नशे
में नहीं पाया गया। इसके अलावा कोई कर्मचारी संस्थान से बाहर जाकर हुक्का पीता हुआ
भी नहीं मिला।
ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर प्रदेश सरकार के कार्रवाई के निर्देश
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देश
हैं कि शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को अनुशासित और बेहतर वातावरण
उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने
कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी कर्मचारी द्वारा लापरवाही बरतने पर कार्रवाई
की जाएगी। सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार रहें और बिना सक्षम अधिकारी
को सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित न हों। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों की
गरिमा और छवि बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी कर्मचारी या संस्थान के संबंध
में बिना ठोस तथ्य अथवा प्रमाण के आरोप लगाने से बचना चाहिए।