हाईकाेर्ट ने बैंक की मनमानी नीलामी नोटिस पर लगाई रोक - सरस जनवाद

हाईकाेर्ट ने बैंक की मनमानी नीलामी नोटिस पर लगाई रोक

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प्रयागराज, 22 जुलाई । इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने बुधवार को मेसर्स एमएम इंडस्ट्रीज बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य मामले में सुनवाई करते हुए बैंक को याचिकाकर्ता के वन टाइम सेटलमेंट ( ओ टी एस ) प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

इससे पहले कोर्ट ने 25 मई 2026 को पाया था कि 13 मई 2026 को जारी नीलामी नोटिस “अनजाने में” जारी हुआ था, जिसे बैंक ने तीन दिन बाद यानी 16 मई को संशोधन नोटिस जारी कर वापस ले लिया था और याचिकाकर्ता को नया ओ टी एस आवेदन देने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने तब याचिकाकर्ता को दो सप्ताह में नया प्रस्ताव देने और बैंक को उसके बाद दो सप्ताह में नीति के अनुसार निर्णय लेने का आदेश दिया था।

याचिकाकर्ता के अनुसार, उसने 6 जून 2026 को ओ टी एस प्रस्ताव जमा किया, जिसके जवाब में बैंक ने 12 जून 2026 को ईमेल भेजकर प्रस्ताव में सुधार करने, 25 फीसदी अग्रिम राशि जमा करने और अधिकतम 90 दिनों में शेष राशि चुकाने की शर्त रखी। कोर्ट ने पाया कि अब तक बैंक ने प्रस्ताव पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

कोर्ट ने अंतरिम आदेश में बैंक को संपत्ति की नीलामी करने से रोक दिया है।