नई दिल्ली, 21 जुलाई । उच्चतम न्यायालय ने मेघालय में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपित सोनम रघुवंशी से पूछा है कि क्या वो सरेंडर करेगी या कोर्ट उसकी जमानत रद्द करने पर विस्तार से सुनवाई कर फैसला दे। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सोनम ने खुद सरेंडर किया। सोनम को खुद पता था कि उसकी तलाश किस गुनाह में है। उन्होंने कहा कि सोनम को गिरफ्तार के आधार बताए गए थे। उसके भाई को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी। मेहता ने कहा कि गिरफ्तारी के दस्तावेज में हुई गलती टाइपिंग की गलती थी।
सोनम रघुवंशी की ओर से पेश वकील ने कहा कि इस मामले को मीडिया ने तूल दे दिया। यह परिस्थितिजन्य साक्ष्य का मामला है। तब उच्चतम न्यायालय ने सोनम के वकील से कहा कि कोर्ट के पास दो विकल्प हैं या तो हम गुण-दोष के आधार पर विचार करेंगे और आदेश पारित करेंगे या हम गवाहों की जांच होने तक सरेंडर करने का आदेश पारित करेंगे। आप इस पर निर्देश लेकर कोर्ट को बताएं।
याचिका मेघायल सरकार ने दायर की है। याचिका में सोनम रघुवंशी को ट्रायल कोर्ट से मिली जमानत को उच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखने के आदेश को चुनौती दी गई है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि महिला को रिहा कर दिया गया है इसलिए उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक नहीं लगा रहे हैं, लेकिन महिला को नोटिस जारी कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि उच्च न्यायालय ने सिर्फ इस आधार पर जमानत के आदेश को बरकरार रखा कि अरेस्ट मेमो में संबंधित धारा में त्रुटि थी।
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि उच्च न्यायालय ने जमानत को बरकरार रखकर कानूनन गलती की है। मेहता ने कहा था कि सोनम रघुवंशी और उसका पति मेघायल में हनीमून के लिए गए थे। वहां पूरी योजना के तहत राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई। सोनम रघुवंशी ने अपने पति की हत्या घाटी में की और उसके शव को खाई में गिरा दिया। इस मामले में तीन सहयोगी थे। हत्या कर सोनम रघुवंशी भाग गई और उसे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। मेहता ने कहा था कि उच्च न्यायालय ने जिस वजह से जमानत दी वो एक टाइपिंग की गलती थी। उन्होंने कहा था कि सोनम रघुवंशी के भागने का खतरा है।