नीट पेपर लीक मामले के आरोपित डॉ. मनोज शिरुरे की जमानत पर 24 जुलाई को फैसला - सरस जनवाद

नीट पेपर लीक मामले के आरोपित डॉ. मनोज शिरुरे की जमानत पर 24 जुलाई को फैसला

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नई दिल्ली, 22 जुलाई । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले के आरोपित डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे की जमानत याचिका पर फैसला टाल दिया है। स्पेशल जज अजय गुप्ता ने जमानत याचिका पर 24 जुलाई को फैसला सुनाने का आदेश दिया। जमानत का आदेश तैयार नहीं होने की वजह से फैसला टला है।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट पेपर लीक मामले के आरोपित डॉ मनोज भगवानराव शिरुरे की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि ये अपराध राष्ट्र के खिलाफ है। शिरुरे की जमानत याचिका का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा था कि इस अपराध ने देश की छवि को खराब किया है और लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। सीबीआई की ओर से पेश वकील नीतू सिंह ने कहा था कि पेपर लीक की वजह से परीक्षा को निरस्त करना पड़ा। कई छात्रों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ी। इससे सरकार को भी करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। पेपर लीक की घटना के बाद कई छात्रों ने खुदकुशी तक कर ली।

सुनवाई के दौरान शिरुरे की ओर से पेश वकील ने कहा था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप केवल एक सह आरोपित प्रह्लाद कुलकर्णी के डिस्क्लोजर बयान के आधार पर लगाया गया है। केवल इस बयान के आधार पर उसकी भूमिका तय नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा था कि शिरुरे के खिलाफ कोई पक्का सबूत भी नहीं है। उन्होंने कहा था कि शिरुरे के भागने की कोई आशंका नहीं है।

नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

03 मई को हुई नीट की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। केंद्र सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।