लखनऊ, 31 जुलाई । उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये है कि ग्राम्य विकास विभाग की सभी कार्य योजना पर ठोस, प्रभावी व त्वरित गति से कार्यवाही की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लायी जाय। कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए। योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में कोई कोर कसर बाकी न रखी जाय। केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यो की समीक्षा कर रहे थे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गांव व गरीब का विकास करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गांव मे जलनिकासी के पुख्ता प्रबन्ध किये जांय। गांवों की गलिया ग्रामीणों का हाइवे है, उन्हे व्यवस्थित व ठीक रखा जाय, गांवों में अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया जाय।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय एक सप्ताह के भीतर वितरित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।संचालित वृक्षारोपण कार्य के अंतर्गत रोपित पौधों की सुरक्षा हेतु भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम के अंतर्गत अमृत सरोवरों पर ध्वजारोपण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के आवासों की स्वीकृति अतिशीघ्र सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये ग्राम्य विकास विभाग में विभिन्न जांचो के जो प्रकरण लम्बित हैं, उनको तुरंत निस्तारित किया जाय, अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को पूरी गम्भीरता से सुने, निस्तारण योग्य प्रकरणों का निस्तारण करे, जो प्रकरण उनके स्तर से निस्तारित नहीं हो सकते, उसके बारे मे जनप्रतिनिधियों को संतुष्ट करते हुये अवगत कराया जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन नये समूहों के गठन की कार्रवाई तेज करें और निष्क्रिय समूहों को तत्काल सक्रिय करने की प्रभावी कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया जाये महिला सामर्थ योजना के तहत कार्यों में और तेजी लाई जाये।
बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनअरूण कुमार, विशेष सचिव ग्राम्य विकास विभाग जयनाथ यादव, संयुक्त मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन प्रवीणानन्द सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहें।