पहली बारिश में खुली नगर पालिका की तैयारियों की पोल, जगह-जगह जलभराव से लोग परेशान - सरस जनवाद

पहली बारिश में खुली नगर पालिका की तैयारियों की पोल, जगह-जगह जलभराव से लोग परेशान

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पन्ना, 01 जुलाई । मानसून की पहली बारिश ने मध्‍य प्रदेश के पन्ना नगर पालिका की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। मंगलवार बुधवार को हुई मामूली बारिश के बाद ही शहर के कई हिस्सों में नालियों का कचरा सड़कों पर फैल गया और कई मार्ग जलभराव की चपेट में आ गए। बारिश थमने के बाद भी जगह-जगह कीचड़ और गंदा पानी जमा रहने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों, भगवान जगन्नाथ मंदिर मार्ग, मंदिर के सामने, धाम मोहल्ला और जुगल किशोर मंदिर मार्ग सहित कई इलाकों में जल निकासी की समस्या दिखाई दी। नालियों में जमा कचरा बारिश के पानी के साथ सड़कों पर आ गया। कई जगहों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। दोपहिया वाहन चालक जलभराव के बीच संभलकर निकलते दिखाई दिए, जबकि पैदल लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।

सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

नगरवासियों का आरोप है कि बारिश से पहले नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर नगर पालिका द्वारा किए जाने वाले दावे सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाते हैं। समय पर नालियों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी सड़कों पर भर जाता है। इससे दुकानदारों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ती है।

लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए नालियों की नियमित सफाई कराई जाए और जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी समाधान किया जाए, ताकि आने वाले दिनों में नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

कई कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था बदहाल

नगर सुधार न्यास कॉलोनी सहित वार्ड क्रमांक-3 की इंद्रपुरी कॉलोनी के रहवासियों ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां नियमित सफाई नहीं होती और कई बार प्रमुख त्योहारों के समय ही झाड़ू लगती है।

मंगल भवन के सामने इंद्रपुरी सहित अन्य क्षेत्रों में नालियां उफनने लगीं, जिससे कचरा सड़कों पर फैल गया और आसपास दुर्गंध का माहौल बन गया।

रहवासियों का कहना है कि हर वर्ष बारिश से पहले नगर पालिका द्वारा नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली बारिश में ही व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है। लोगों ने प्रशासन से इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है।