छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय:सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी - सरस जनवाद

छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय:सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

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रायपुर, 23 जुलाई । छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग के अनुसार आज गुरुवार काे रायपुर और दुर्ग संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के एक- दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

प्रदेश में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। राजधानी रायपुर सहित सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आगामी 5 दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कोरिया, जशपुर, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा जैसे जिलों के लिए विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी है।

लगातार मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव की समस्या हो गई है। सूरजपुर जिले में गोबरी नदी पर बना रपटा पुल और मुंगेली में कई पुल-पुलिया डूब गए हैं। सरगुजा संभाग में नदी-नाले उफान पर हैं और आवागमन प्रभावित हुआ है।

पिछले 24 घंटे में बिलासपुर संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं रायगढ़ में लगातार बारिश से केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते केलो डैम के 4 गेट खोल दिए गए। बेलदुला रपटा पुल पर भी पानी चढ़ने लगा है. ऐसे में आसपास के लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। कोरबा में लगातार हो रही बारिश के बीच कोरबा जिले में मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने वर्षाकाल-2026 के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि जलस्तर निर्धारित सीमा तक पहुंचता है तो बांध के गेट खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा सकता है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा, जिससे अधिकांश जिलों में वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण राजधानी रायपुर के अधिकतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।रायपुर में अधिकतम 25 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मानसून द्रोणिका उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय बनी हुई है। इसी प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां बनी हुई हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने और गरज-चमक के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।