मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज, आज 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट - सरस जनवाद

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज, आज 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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भोपाल, 02 जुलाई । मध्य प्रदेश में मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। बुधवार को यह सागर और भोपाल संभाग के कई जिलों तक पहुंच गया। गुरुवार को मानसून के उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के शेष हिस्सों में भी प्रवेश करने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तेज हवा के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

बुधवार को इंदौर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे वार्ड क्रमांक-80 में पानी दुकानों के भीतर तक पहुंच गया। शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में 5 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 3 जुलाई को धार और बड़वानी जिलों के लिए तथा 4 जुलाई को खरगोन के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में अब तक औसत से कम वर्षा दर्ज हुई है। जून माह और 1 जुलाई तक कुल 100.2 मिमी (करीब 4 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 139.7 मिमी (करीब 5.4 इंच) होती है। यानी अब तक प्रदेश में लगभग 28 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

हालांकि मौसम विभाग को जुलाई से अच्छी बारिश की उम्मीद है। विभाग के अनुसार, मानसून सीजन की करीब एक-तिहाई बारिश जुलाई में होती है। भोपाल में सामान्य रूप से जुलाई के दौरान लगभग 14 इंच वर्षा होती है, जबकि जबलपुर प्रदेश का ऐसा प्रमुख शहर है जहां इस महीने 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जाती है। आमतौर पर पूरे मानसून सीजन की करीब 40 प्रतिशत बारिश अकेले जुलाई में होती है, जिससे बारिश की मौजूदा कमी काफी हद तक पूरी होने की संभावना है।