मंडी, 21 जुलाई । अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला इकाई की ओर से मंडी की सेरी चांदनी में धरना प्रदर्शन किया। संसद में पेश 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक बिना शर्त लागू करवाने की मांग की गई। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ. वीना वैद्य ने कहा कि यह विधेयक संसद में 1996 में सबसे पहले पेश किया गया था। परंतु 2023 में केंद्र सरकार ने इसे पास तो कर दिया। लेकिन जनगणना व भूमि परिसीमन की शर्त लगा कर इसे अभी तक लागू नहीं किया है। जो कि महिलाओं के लिए दुर्भाग्य पूर्ण है।
जनवादी महिला समिति मांग करती है कि महिला आरक्षण एक स्वतंत्र मुद्दा है, इसे सरकार राजनीतिक परिसीमन से न जोड़ें और वर्तमान चल रहे मानसून सत्र में इसे लागू करें।हम सब जानते हैं कि अगले साल कुछ राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और उनमें महिलाएं अपने अधिकार का प्रयोग कर पाएंगी।
उन्होंने कहा कि जैसे 2019 में संसद में महिलाओं की संख्या 14 प्रतिशत थी, जो 2024 में घट कर 13 प्रतिशत रह गई है। यही नहीं विधानसभा में तो केवल तीन महिलाएं ही चुनकर आ पाई है। जबकि प्रदेश में महिला वोटरों का प्रतिशत बढ़ा है। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री को 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को बिना किसी शर्त के लागू करवाने संबंधी एक ज्ञापन भेजा गया।