कर सरकारी मार्का वाले गेहूं के 186 कट्टे बरामद किए।
प्रत्येक कट्टा 50 किलोग्राम का है। बरामद गेहूं की अनुमानित कीमत करीब
दो लाख 27 हजार रुपये बताई गई है।
खाद्य
एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक प्रवेश दहिया को सूचना मिली थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से
सरकारी गेहूं आटा चक्की पर उतारा जा रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने मौके
पर पहुंचकर छापेमारी की और गेहूं को कब्जे में लेकर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी
की।
पूछताछ
में आटा चक्की संचालक राजेश ने बताया कि उसने गेहूं भटगांव निवासी आढ़ती संदीप से खरीदा
था। अधिकारियों ने जब सरकारी गेहूं की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज मांगे तो कोई
वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद सरकारी गेहूं की अवैध खरीद, बिक्री
और भंडारण की आशंका के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस
ने बरामद गेहूं को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा
रहा है कि सरकारी गेहूं कहां से लाया गया और इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं
या नहीं।
यह कार्रवाई
डीएसपी जीत सिंह बेनीवाल के नेतृत्व में की गई। छापेमारी दल में छापेमारी दल में इंस्पेक्टर
बिजेंद्र, एएसआई राजेश, एसआई जितेंद्र कुमार, ईएएसआई संजय तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
के निरीक्षक प्रवेश दहिया सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
अधिकारियों ने
बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनाज की अवैध खरीद-फरोख्त और भंडारण करने वालों
के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।