मलेरिया के बढ़ते प्रकोप काे लेकर सांसद ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन - सरस जनवाद

मलेरिया के बढ़ते प्रकोप काे लेकर सांसद ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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पूर्वी सिंहभूम, 13 जुलाई । जिले के पोटका प्रखंड सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया और सेरेब्रल मलेरिया के बढ़ते मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात कर त्वरित और व्यापक स्वास्थ्य अभियान चलाने की मांग की।

भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पोटका के नारदा, हरिणा, पोड़ा तेंतला, ग्वालकाटा, माटिन, गांगाडीह, हेंसाबिल और टांगराईन पंचायतों के कई गांव संक्रमण की चपेट में हैं। पार्टी ने दावा किया कि स्थानीय स्तर पर दो हजार से अधिक लोग मलेरिया से प्रभावित हैं तथा अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। हेंसाबिल पंचायत के खड़ियासाई गांव में सेरेब्रल मलेरिया से एक बच्चे की मौत पर भी चिंता जताई गई।

प्रतिनिधिमंडल में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, पोटका की पूर्व विधायक मेनका सरदार, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मीरा मुंडा, जिला उपाध्यक्ष संजीव सिंह, बबुआ सिंह, अमरजीत सिंह राजा, जिला महामंत्री राजीव सिंह, जितेंद्र राय तथा जिला मंत्री तन्मय झा भी शामिल थे।

सांसद विद्युत वरण महतो ने प्रभावित गांवों में विशेष मेडिकल टीम भेजने, पर्याप्त दवाइयों और जांच किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने, नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव और गंभीर मरीजों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। मेनका सरदार ने गांव-गांव स्वास्थ्य जांच अभियान चलाने की आवश्यकता बताई, जबकि मीरा मुंडा ने स्वास्थ्य शिविर, घर-घर जांच, मच्छरदानी वितरण, एंबुलेंस सुविधा और बागबेड़ा समेत शहरी क्षेत्रों में भी विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग उठाई।

जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि भाजपा जनहित के इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है। वहीं उपायुक्त राजीव रंजन ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सर्वे, जांच और उपचार में जुटी हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल टीमों की तैनाती, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव, ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग, जनजागरूकता अभियान तथा दवाइयों और जांच किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर बीमारी पर शीघ्र नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।