बरनाला घटना को लेकर बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन - सरस जनवाद

बरनाला घटना को लेकर बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

Share

चंडीगढ़, 27 जुलाई । बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय वाल्मीकि सभा इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पंजाब सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व चेयरमैन तथा वर्ष 2024 के फतेहगढ़ साहिब लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे गेजा राम वाल्मीकि ने किया।

प्रतिनिधिमंडल में भाजपा पंजाब के प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के प्रदेश सचिव पी.एस. गम्मी कलियां, मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत सिंह, खन्ना जिला अध्यक्ष कुलविंदर सिंह ‘हनी’, रूपनगर जिला अध्यक्ष रमन मट्टो और तरुण वालिया शामिल थे।

राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि अपने वैध और न्यायोचित अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर डीएसपी सतवीर सिंह बैंस और एसएचओ लखविंदर सिंह ने बिना किसी उकसावे के बल प्रयोग किया। गेजा राम वाल्मीकि ने इसे सरकारी शक्ति के कथित दुरुपयोग का गंभीर मामला बताया।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संबंधित डीएसपी और एसएचओ को केवल निलंबित करने के बजाय तत्काल सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाए। भाजपा नेताओं का कहना था कि केवल निलंबन से पीड़ित कर्मचारियों को पूरा न्याय नहीं मिल सकेगा।

ज्ञापन में पीड़ित सफाई कर्मचारियों की चिकित्सकीय-कानूनी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन की लंबे समय से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की अपील की। भाजपा नेताओं ने कहा कि इन कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाएगा।

—-