प्रयागराज, 22 जून । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हत्या के मामले में बंद दो आरोपितों को उनकी बेटी-बहन की शादी में शामिल होने के लिए तीन दिन की अल्पकालिक जमानत (पैरोल) प्रदान की है।
न्यायमूर्ति दीपक वर्मा और न्यायमूर्ति पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने यह आदेश आपराधिक अपील में दायर अल्पकालिक जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए पारित किया। हमीरपुर जिले के थाना मऊदहा में वर्ष 2023 में अभियोग दर्ज हुआ था। राम कृपाल और हेमराज पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 308/34 और 323/34 के तहत मुकदमा चल रहा है। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राम कृपाल, वधू कुमारी राधिका के पिता हैं और हेमराज उनके भाई हैं। राधिका का विवाह 26 जून 2026 को सम्पन्न होना है। इसलिए दोनों को तीन सप्ताह की पैरोल दिए जाने की प्रार्थना की गई। हालांकि राज्य सरकार की ओर से पैरोल का कड़ा विरोध किया, किंतु वे आवेदकों के तर्कों का खंडन नहीं कर सके।
सम्बन्धित थाने की रिपोर्ट और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने 24 जून से 26 जून तक तीन दिन की पैरोल मंजूर की। दोनों को पुलिस कस्टडी में रिहा किया जाएगा। इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत मुचलका और दो जमानतदार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हमीरपुर की संतुष्टि पर प्रस्तुत करने होंगे। पुलिस दल के आवागमन हेतु आवश्यक धनराशि जमा करने के बाद ही उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि राम कृपाल और हेमराज 27 जून को शाम पांच बजे तक सम्बन्धित सी जे एम के समक्ष समर्पण करेंगे।