बुजुर्गों को केवल सहानभूति नहीं बल्कि समानभूति और ममता की होती है आवश्यकता – जिलाधिकारी

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फिरोजाबाद, 15 जून । विश्व वृद्ध जन जागरूकता दिवस के अवसर पर सोमवार को जिलाधिकारी ने बन्ना रोड, टूंडला स्थित आवासीय वृद्धाश्रम का औचक भ्रमण किया। उन्होंने वृद्धजनों की समस्याओं को सुनकर निस्तारण के निर्देश भी दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि बुजुर्गों को केवल सहानभूति नहीं बल्कि समानभूति और ममता की आवश्यकता होती है।

इस आवासीय वृद्धाश्रम का संचालन वर्ष 2017 से ‘ग्रामीण विकास सेवा संघ’ द्वारा किया जा रहा है, जिसमें वर्तमान में महिला और पुरुष मिलाकर कुल 47 वृद्धजन निवास कर रहे हैं। भ्रमण के दौरान जब जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा बुजुर्गों के बीच पहुंचे, तो उन्हें अपने बीच पाकर वृद्धों का दर्द छलक पड़ा। बुजुर्गों ने जिलाधिकारी से कहा कि उन्हें किसी की ‘सहानुभूति’ (दया) नहीं, बल्कि ‘समानुभूति’ (उनके दर्द को महसूस करना) चाहिए। भोजन मिलने में थोड़ी देरी होने पर कुछ बुजुर्गों द्वारा नाराजगी जताए जाने पर जिलाधिकारी ने स्टाफ को बेहद संवेदनशील सीख दी।

जिलाधिकारी ने मुंशी प्रेमचंद के कालजयी विचारों का स्मरण कराते हुए कहा कि, “बुढ़ापा वास्तव में बचपन का ही पुनरागमन होता है।” इसलिए आश्रम का स्टाफ या कोई भी व्यक्ति बुजुर्गों की किसी बात से चिढ़े (इरिटेट) नहीं। उनके साथ भावनात्मक सहयोग करें, उनके मन और हृदय के साथ खुद को एकाकार करके सोचें कि उनके जीवन का यह अंतिम समय किस दौर से गुजर रहा है। बुजुर्गों के साथ ठीक वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए, जैसा एक मां अपने नासमझ बच्चे के साथ करती है।

आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार के योग दिवस की विशेष थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसी के दृष्टिगत उन्होंने निर्देश दिए कि आश्रम के बुजुर्गों को उनकी शारीरिक क्षमता के अनुसार नियमित रूप से योगाभ्यास कराया जाए, ताकि वे न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें, बल्कि मानसिक तनाव और अकेलेपन से भी मुक्त रह सकें।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आश्रम में रह रहे सभी 47 बुजुर्गों का नियमित रूप से स्वास्थ्य चेकअप सुनिश्चित किया जाए। जिला समाज कल्याण अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए कि वे समय-समय पर स्वयं आश्रम का दौरा करें और बुजुर्गों के सुख-दुख में सहभागी बनें।

आश्रम प्रबंधन को जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए गए कि यहां व्यवस्थाओं में जो भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए और बुजुर्गों को किसी भी स्तर पर अकेलेपन का अहसास न होने दिया जाए। दौरे के अंत में जिलाधिकारी ने सभी वृद्धजनों को फल वितरित किए। इस दौरान जिलाधिकारी ने बुजुर्गों को ढांढस बंधाया और भावुक होकर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी टूंडला अनुराधा सिंह और समाज कल्याण अधिकारी राजमती भी उपस्थित रहीं।