जींद, 15 जून । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा स्पेशल चांस परीक्षा के आवेदन शुल्क में 50 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सोमवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस छात्र विरोधी निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सतविंदर ढिल्लों ने विश्वविद्यालय कुलगुरू को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्पेशल चांस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष बचाना तथा उन्हें उच्च शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अवसर प्रदान करना है। ऐसे में परीक्षा शुल्क को एक हजार से बढ़ाकर 1500 करना विद्यार्थियों के हितों पर सीधा प्रहार है। जींद महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की आर्थिक परिस्थितियों को समझना चाहिए। वर्तमान समय में विद्यार्थी पीजी प्रवेश फार्म शुल्क, प्रवेश शुल्क, काउंसलिंग शुल्क, नेट जेआरएफ परीक्षा शुल्क तथा विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं के शुल्क जैसे अनेक आर्थिक बोझों का सामना कर रहे हैं।
ऐसे समय में स्पेशल चांस परीक्षा शुल्क में वृद्धि विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त परेशानी खड़ी करने वाली है। सुनील ने कहा कि प्रदेश के हजारों विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। परिषद ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उन पर अतिरिक्त शुल्क थोप रहा है, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने कहा कि स्पेशल चांस परीक्षा शुल्क को तत्काल प्रभाव से पुन: एक हजार किया जाए तथा छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को वापस लिया जाए।