विस्थापन और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन तेज करेगा जनसंगठन

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खूंटी, 16 जून । कोईल कारो जनसंगठन की शीर्ष समिति की बैठक मंगलवार को संगठन के उपाध्यक्ष जोन जुरसेन गुड़िया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विस्थापन और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन को मजबूत करने एवं आगामी 05 जुलाई को आयोजित होने वाले विजय संकल्प दिवस की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र के सभी गांवों और टोलों की ग्राम सभाओं की ओर से तीन-तीन वालेंटियरों का चयन किया जाएगा। इन वालेंटियरों की भूमिका संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ विजय संकल्प दिवस कार्यक्रम की तैयारियों में भी महत्वपूर्ण होगी।

बैठक को संबोधित करते हुए झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि वर्तमान समय में भूमि अधिग्रहण को लेकर राज्य सरकार विभिन्न नीतियां और नियम बना रही है, जिससे पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के संवैधानिक प्रावधान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों और मूलवासियों की जमीनों पर अधिकार कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भू-दस्तावेजों में ऑनलाइन त्रुटियों के सुधार संबंधी उच्च न्यायालय के आदेशों को भी गंभीरता से लागू नहीं किया जा रहा है।

बोदरा ने पेसा कानून के क्रियान्वयन के नाम पर पंचायत राज व्यवस्था को थोपने के प्रयासों को पारंपरिक ग्राम सभाओं के लिए चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं के अधिकारों और पारंपरिक व्यवस्था की रक्षा के लिए लोगों को संगठित होना होगा।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि ग्राम सभाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गांव के किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न छूटे।

बैठक में मसीहदास गुड़िया, निकोलस कंडुलना, हारून गुड़िया, बेनेदिक्त नवरंगी, जुनूल गुड़िया, प्रेमानंद कोनगाड़ी, प्रकाश डाहंगा, मदन सिंह, अमृत गुड़िया, सामुएल मुंडा सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।