हरदा, 25 जून । मध्य प्रदेश के हरदा शहर की विभिन्न समस्याओं और नगर पालिका के निर्णयों के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को हरदा में जन आक्रोश रैली निकालकर नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया। नारायण टॉकीज चौक से शुरू हुई रैली नगर पालिका कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झूमाझटकी की स्थिति भी बनी।
रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शहर की मूलभूत समस्याओं को लेकर नगर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि शहर में पानी, सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नगर पालिका द्वारा करों में बढ़ोतरी कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महिला पार्षद जेबुन्निसा पटेल हाथ में आटे की थाली लेकर पहुंचीं और अनोखे तरीके से विरोध जताया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है और नलों से भी कई बार दूषित पानी पहुंच रहा है। उन्होंने नल टैक्स को 75 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रतिमाह किए जाने और संपत्ति कर में बढ़ोतरी का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
नगर पालिका कार्यालय पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुई। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रोशनलाल भारती के पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने सीएमओ को मौके पर बुलाने की मांग की।
जब सीएमओ कमलेश पाटीदार ज्ञापन लेने पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए सीएमओ को बुलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद नवागत सीएमओ रोशन बाथम भी मौके पर पहुंचे। कांग्रेस ने उन्हें 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने ज्ञापन में शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई। नेताओं का कहना था कि कॉलोनियों के नियमित होने से वहां रहने वाले लोगों को बिजली, पानी, सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने, भूमिहीनों को पट्टे देने, गीले और सूखे कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटारे तथा नगर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग भी रखी गई।