उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को ग्राम पंचायत मिश्रवाला, पातलियों एवं बहराल तथा पुलिस अधीक्षक सिरमौर निश्चिंत सिंह नेगी की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत पीपलीवाला एवं पुरुवाला में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए।
उपायुक्त ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर जिला सिरमौर में एंटी-चिट्टा ड्राइव अभियान के तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों को नशे के दुष्प्रभावों तथा इसके सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार नशा कारोबारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। इसी के दृष्टिगत जिला प्रशासन, पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने बताया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने तथा सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला की चिन्हित 20 ग्राम पंचायतों में नशा निवारण समिति की विशेष बैठकों का आयोजन किया गया।इसी कड़ी में ग्राम पंचायत कालाअंब, देवनी, पुरुवाला, कुंडियों, पीपलीवाला, मिश्रवाला, मेलियों, कोटला पंजोला, डाबरी-सालवाला, अजौली, अंबोया, गोरखूवाला, कुंजा मतरालियों, नेहरपाब, शलाना, भाटांवाली, बद्रीपुर, बहराल, पातलियों तथा दिवड़ी खडांह में जिला प्रशासन के प्रशासनिक अधिकारियों की अध्यक्षता में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, युवा समूहों, महिला मंडलों तथा आम नागरिकों को नशीले पदार्थों के सेवन एवं अवैध तस्करी के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर उन्हें शिक्षा, खेल, स्वरोजगार तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उपायुक्त ने कहा कि नशे के विरुद्ध यह अभियान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने जिला वासियों, विशेषकर युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा नशा मुक्त सिरमौर एवं नशा मुक्त हिमाचल के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।