फर्जी निवेश ऐप से रिटायर्ड अफसर से 45 लाख की ठगी, बैंक अधिकारी समेत तीन गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 03 मई । शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर रिटायर्ड सरकारी अधिकारी से 45.33 लाख रुपये की ठगी करने वाले निवेश धोखाधड़ी गिरोह का दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से बैंक अधिकारी समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने रविवार को बताया कि पीड़ित रिटायर्ड सरकारी अधिकारी को आरोपितों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक फर्जी मोबाइल एप डाउनलोड कराया था, जिसे असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा दिखने के लिए तैयार किया गया था। एप के जरिये अधिक और सुनिश्चित रिटर्न का झांसा देकर उनसे 45.33 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।

जांच के दौरान साइबर सेल ने तकनीकी निगरानी और बैंक ट्रांजैक्शन के विश्लेषण के आधार पर दो आरोपितों की पहचान की। पूछताछ में उनकी निशानदेही पर एक बैंक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया गया, जो गिरोह की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान उधम सिंह नगर निवासी 25 वर्षीय कपिल, 26 वर्षीय मनोज शर्मा और 24 वर्षीय कमल पांडे के रूप में हुई है। कमल पांडे एक बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत है।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि कपिल और मनोज अपने बैंक खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल करने देते थे। ठगी की रकम इन खातों में आते ही उसी दिन चेक के माध्यम से निकाल ली जाती थी। वहीं बैंक अधिकारी कमल पांडे फर्जी खातों को खुलवाने, लेनदेन की गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराने तथा बैंक परिसर में नकदी निकासी में मदद करता था।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह खुद को प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को आईपीओ और शेयर बाजार में निवेश का लालच देता था। इसके लिए पेशेवर तरीके से डिजाइन की गई फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि पीड़ितों को प्लेटफॉर्म वास्तविक लगे।