इतिहास में 01 मई का दिन मजदूर दिवस के रूप में दर्ज है, जो दुनिया भर में श्रमिकों के अधिकारों और उनके संघर्षों की याद दिलाता है। इस दिवस को मनाने की परंपरा 19वीं सदी के मजदूर आंदोलनों से जुड़ी हुई है। इसे मजदूरों का बड़ा दिन भी कहा जाता है।
औद्योगिक क्रांति के दौर में मजदूरों से लंबे समय तक काम कराया जाता था और उनके अधिकार सीमित थे। ऐसे में काम के घंटे तय करने और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर 1877 के आसपास आंदोलन शुरू हुए, जो धीरे-धीरे कई देशों में फैल गए।
इस संघर्ष ने 01 मई 1886 को एक निर्णायक रूप लिया, जब अमेरिका में लाखों मजदूर एक साथ हड़ताल पर उतर आए। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 11,000 फैक्ट्रियों के लगभग 3.8 लाख मजदूर इस हड़ताल में शामिल हुए। उनका मुख्य उद्देश्य था—काम के घंटे घटाकर आठ घंटे प्रतिदिन करना।
यह ऐतिहासिक आंदोलन मजदूर अधिकारों की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ और यहीं से 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई। बाद में यह दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कर गया और दुनिया के कई देशों में इसे आधिकारिक अवकाश के रूप में भी मनाया जाने लगा।
आज मजदूर दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन संघर्षों की याद है, जिन्होंने श्रमिकों को सम्मानजनक काम के घंटे, बेहतर वेतन और सुरक्षित कार्य वातावरण जैसे अधिकार दिलाए। यह दिन समाज में श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर भी है।
महत्वपूर्ण घटनाचक्र
1886 – अमेरिका के शिकागो में कामगारों के लिए काम के घंटे तय करने को लेकर हड़ताल, मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत। 1945 – सोवियत लाल सेना का बर्लिन में प्रवेश।
1897 – स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
1908 – प्रफुल्ल चाकी ने मुजफ्फरपुर बम कांड को अंजाम देने के बाद खुद को गोली मारी।
1914 – कार निर्माता फोर्ड वह पहली कंपनी बनी जिसने अपने कर्मचारियों के लिए आठ घंटे काम करने का नियम लागू किया।
1923 – भारत में मई दिवस मनाने की शुरुआत।
1956 – जोनसा साल्क द्वारा विकसित पोलियो वैक्सीन जनता के लिए उपलब्ध कराई गई।
1960 – महाराष्ट्र और गुजरात अलग अलग राज्य बने।
1972 – देश की कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण।
1984 – फू दोरजी बिना ऑक्सीजन के माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने में सफल।
1993 – श्रीलंका के राष्ट्रपति रणसिंघे प्रेमदास की बम विस्फोट में मृत्यु।
1996 – संयुक्त राष्ट्र ने स्वयं को सरकारी तौर पर निर्धन घोषित किया।
1998 – पोलैंड, हंगरी और चेक गणराज्य को नाटो में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव सीनेट में पारित।
1999 – नेपाल में मृत्युदंड की सजा समाप्त।
2000 – अंतरराष्ट्रीय अन्तर-संसदीय संघ ने पाकिस्तान, आइवरी कोस्ट व सूडान को देश की संसद भंग करने के लिए संघ की सदस्यता से निलंबित किया।
2001 – लश्कर-ए-तोइबा व जैश-ए-मोहम्मद संयुक्त राज्य अमेरिका में आतंकवादी संगठन घोषित, भारत संयुक्त अमेरिकी की विशेष 301 सूची में शामिल।
2002 – अमेरिका की अपील पर इस्रायल ने हेब्रोन से सेना हटाई।
2003 – अमेरिकी राजनयिक पाल ब्रोमर की इराक के प्रशासक पद पर नियुक्ति।
2004 – यूरोपीय संघ में 10 नये राष्ट्र शामिल।
2005 – सद्दाम हुसैन ने सशर्त रिहाई की अमेरिकी पेशकश ठुकराई।
2007 – ईएसपीएन द्वारा वनडे क्रिकेट रैंकिंग में भारत को नवां स्थान।
2008 – राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सात नये जजों की नियुक्ति की।
2008 – पाकिस्तान के तालिबान समर्थक आतंकी गुट का पश्चिमोत्तर सीमान्त प्रान्त के डेरा अदम खेल शहर पर नियंत्रण। 2008 – बेलारूस ने 10 अमेरिकी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया।
2009 – स्वीडन ने समलैंगिक विवाह को मंजूरी दी।
2011 – अमेरिका पर 2001 के हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारे जाने की पुष्टि।
2013 – स्व. रमेश भाई को श्रद्धांजलिस्वरूप उनके बासठवें जन्मदिवस समारोह मजदूर दिवस के अवसर पर सर्वोदय आश्रम टडियांवा मे आयोजित समारोह में भारतकोश पर रमेश भाई से संबंधित सामग्री को वैश्विक पाठक वर्ग को समर्पित किया गया।
जन्म
1632 – हंबीरराव मोहिते – मराठा साम्राज्य के सेनापति थे।
1872 – वजीर हसन – प्रमुख राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता।
1909 – महामाया प्रसाद सिन्हा – भारतीय राजनीतिज्ञ और जल क्रांति दल के राजनेता थे।
1910 – निरंजन नाथ वांचू – वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा केरल और मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल।
1913 – बलराज साहनी- प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेता
1920 – मन्ना डे, प्रसिद्ध गायक।
1922 – मधु लिमये – भारतीय राजनीतिज्ञ और समाजवादी आंदोलन के नेताओं में से एक थे।
1926 – बाबा इकबाल सिंह – किंगरा सिक्ख समुदाय के एक भारतीय सामाजिक-आध्यात्मिक नेता थे।
1927 – श्याम लाल यादव – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे।
1927 – नामवर सिंह – हिन्दी के प्रसिद्ध कवि एवं समकालीन आलोचक।
1932 – एस. एम. कृष्णा – भारतीय राजनीतिज्ञ।
1940 – अरविन्द दवे – भारत की गुप्तचर एजेंसी ‘रिसर्च एण्ड एनालिसिस विंग’ (रॉ) निदेशक रहे हैं।
1951 – रमेश भाई, समाज सुधारक एवं सर्वोदय आश्रम टडियांवा के संस्थापक।
1955 – आनंद महिंद्रा – भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति तथा व्यपारी हैं।
1960 – जगदीश व्योम – भारत के समकालीन कवि एवं लेखक।
1961 – अजय भट्ट – भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ हैं।
1964 – नेकराम शर्मा- भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध किसान हैं। वर्ष 2023 में भारत सरकार ने उन्हें कृषि क्षेत्र में उनके योगदान हेतु ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया है।
1969 – हीरा सरनीया – असम से भारतीय राजनीतिज्ञ हैं।
1986 – संदीप कुमार – भारतीय एथलेटिक्स हैं।
निधन
1888 – प्रफुल्लचंद चाकी – स्वतन्त्रता सेनानी।
2004 – राम प्रकाश गुप्ता – ‘भारतीय जनता पार्टी’ के प्रसिद्ध नेता तथा उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश के राज्यपाल।
2008 – निर्मला देशपांडे – गांधीवादी विचारधारा से जुड़ी हुईं प्रसिद्ध महिला सामाजिक कार्यकर्ता।
2021 – बिक्रमजीत कंवरपाल – हिन्दी फिल्मों के अभिनेता थे। उन्होंने कई धारावाहिकों में काम किया था।
2021 – देबू चौधरी – भारत के प्रख्यात सितार वादक थे।
महत्वपूर्ण अवसर
-मई दिवस (विश्व श्रमिक दिवस)।
-महाराष्ट्र स्थापना दिवस।
गुजरात स्थापना दिवस