अनूपपुर: एमपी पीएससी परीक्षा के प्रथम सत्र में 74.45, द्वितीय में 73.77 परीक्षार्थी ने दी परीक्षा

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अनूपपुर, 26 अप्रैल । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में रविवार को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन किया गया।

यह परीक्षा जिले के तीन केंद्रों शासकीय कन्या विद्यालय, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय और शासकीय तुलसी महाविद्यालय दो सत्रों में संचालित में सम्पन्न हुई, जिसमें कुल 1178 परीक्षार्थी में प्रथम पाली में 301 एवं द्वितीय पालीमें 309 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहें। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के दौरान त्रिस्तरीय नवीन जांच प्रक्रिया अपनाई गई। इसमें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, प्रवेश पत्र की स्कैनिंग और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के माध्यम से तलाशी ली गई थी।

पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक में 877 परीक्षार्थी शामिल हुए 301 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहें। प्रतिशत में देखे तो 74.45 परीक्षार्थीयों परीक्षा दी। दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक में 869 शामिल हुए 309 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहें। इसका प्रतिशत 73.77 शामिल हुए।

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के लिए धूप से बचाव के लिए शेड की व्यवस्था नहीं थी। साथ ही, लड़कियों की जांच के लिए भी कवर शेड (केबिन) नहीं लगाया गया था। अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद जिला प्रशासन ने लड़कियों की जांच के लिए तत्काल कवर शेड की व्यवस्था की गई। कलेक्टर ने धूप से बचाव के लिए नगरपालिका को तुरंत निर्देशित किया।

इस दौरान अपर कलेक्टर प्राशी अग्रवाल, एसडीएम कमलेश पुरी और नायब तहसीलदार कौशलेंद्र मिश्रा ने परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने व्यवस्था एजेंसी से जानकारी ली और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। तीनों केंद्रों पर परीक्षा सुचारु रूप से संचालित हुई। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि इस वर्ष बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य की गई है। इस प्रक्रिया और गहन तलाशी में लगने वाले समय को देखते हुए, सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।

परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश पत्र और एक वैध फोटो पहचान पत्र लाना अनिवार्य था। पुरुष परीक्षार्थियों की जांच पुरुष वीक्षकों द्वारा और महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला वीक्षकों द्वारा (केबिन में) की गई। परीक्षा के दौरान शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर तकनीकी सुरक्षा मानकों और पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे संपूर्ण प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हुई। परीक्षा के सफल समापन के उपरांत सभी उत्तर पुस्तिकाओं को नियमानुसार सील कर कड़ी सुरक्षा के बीच आगामी कार्यवाही हेतु सुरक्षित किया गया है।