पूर्वी सिंहभूम, 20 अप्रैल । हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसे रोककर देश की आधी आबादी का हक छीन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने जानबूझकर इस महत्वपूर्ण पहल को विफल किया, जिससे महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का अवसर बाधित हुआ।
बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में सोमवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर की प्रेस वार्ता में बोलते हुए मनीष जायसवाल ने केंद्र सरकार की ओर से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुद्रा योजना के जरिए महिलाओं को मजबूत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2023 में पारित कानून में जनगणना और परिसीमन का प्रावधान पहले से मौजूद है और संशोधन का उद्देश्य प्रक्रिया को तेज कर 2029 तक आरक्षण लागू करना था, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक भानु प्रताप साही ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद उसने महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया और अब भी अवरोध पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलु मछुआ, मीरा मुंडा, शुक्ला हलदर और मीडिया प्रभारी प्रेम झा समेत कई नेता मौजूद थेे।