फरीदाबाद, 14 अप्रैल । फरीदाबाद में पैसों के लेनदेन के विवाद से परेशान होकर एक 42 वर्षीय ट्रांसपोर्टर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चंद्र प्रकाश सेठी के रूप में हुई है, जो एनआईटी नंबर-2 इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, चंद्र प्रकाश सेठी एनआईटी स्थित दशहरा मैदान के सामने बने रोज गार्डन के पास अचेत अवस्था में पड़ा मिला। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी दीपिका सेठी ने इस मामले में पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनके पति पैसों के लेनदेन को लेकर काफी परेशान चल रहे थे। करीब आठ महीने पहले उन्होंने कुछ लोगों के साथ आर्थिक लेनदेन किया था, जिसके बाद से लगातार उन पर पैसों को वापस करने का दबाव बनाया जा रहा था। दीपिका सेठी के अनुसार, उनके पति ने सौरव भाटिया नाम के एक व्यक्ति से आर्थिक लेनदेन किया था। इस लेनदेन के दौरान चंद्र प्रकाश सेठी को करीब 65 लाख रुपए दिए गए थे। बाद में पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। परिजनों का कहना है कि पैसों की मांग के साथ-साथ उन पर अतिरिक्त रकम और ब्याज का भी दबाव बनाया जाने लगा था। मृतक के बड़े भाई आशीष सेठी ने बताया कि पैसे के लेनदेन को लेकर उनके भाई पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार को चंद्र प्रकाश सेठी घर से निकलकर एनआईटी स्थित दशहरा मैदान के सामने बने रोज गार्डन के पास पहुंच गए। वहीं उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों के अनुसार, मरने से पहले चंद्र प्रकाश सेठी ने करीब चार मिनट का एक वीडियो भी बनाया था। इस वीडियो में उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए उन लोगों के नाम लिए, जिनसे वह पैसों के लेनदेन को लेकर परेशान थे। मंगलवार काे उनका शव राेज गार्डन के पास से मिला। इस मामले को लेकर पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि कोतवाली थाने में आत्महत्या के इस मामले में मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।