सोनीपत: अपनी सत्ता बचाने के लिए आपातकाल थोपा: रामचंद्र जांगड़ा
सोनीपत, 25 जून (हि.स.)। गोहाना स्थित भगवान बाल्मीकि आश्रम में बुधवार को भारतीय जनता
पार्टी के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने बतौर
मुख्य अतिथि सभा को संबोधित करते हुए आपातकाल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि
25 जून 1975 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए आपातकाल
थोप दिया। उस दौर में न दलील थी, न अपील थी। प्रेस पर ताला जड़ा गया, नेताओं को जेल
में डाला गया, जबरन नसबंदी कराई गई और जनता से मौलिक अधिकार छीन लिए गए।
जांगड़ा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह आज भारतीय जनता पार्टी
पर संविधान बदलने का आरोप लगाती है जबकि असल में आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने ही
संविधान की मूल भावना को बदला था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बिजेंद्र मलिक ने की। संयोजक
रणधीर लठवाल और सह-संयोजक ओमबीर वत्स व सुमित कक्कड़ मौजूद रहे। सभा में आपातकाल के विरुद्ध
विचार रखे गए और लोकतंत्र की रक्षा की शपथ ली गई। डॉ. धर्मबीर नांदल, पद्मश्री योगेश्वर
दत्त, पूर्व विधायक रामफल चिड़ाना, रजनी विरमानी, ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. रमेश कश्यप, भूपेंद्र
मुदगिल, सत्यवान दुभेटा, डॉ.राममेहर राठी, सूरत सिंह, इंदरपाल, अमित बाल्मीकि, नरेश
देवी, सुनील वत्स, विनोद सरपंच, हवा सिंह मोर, सत्यवती आदि उपस्थित रहे।