गंगा प्रसाद ‘कौशल’ का 50 वां पुण्यतिथि दो को
पूर्वी सिंहभूम, 1 मई (हि.स.)।
गंगा प्रसाद ‘कौशल’ का साहित्य और पत्रकारिता में अविस्मरणीय योगदान है।
उनका 50 वां पुण्यतिथि दो मई को मनाया जाएगा।
पत्रकारिता में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने पहले ‘मजदूर आवाज़’ और फिर ‘आज़ाद मजदूर’ नामक साप्ताहिक पत्रों का संपादन किया, जो श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई में सशक्त माध्यम बने। बिना सरकारी सहायता के उन्होंने अपनी निर्भीक लेखनी से मजदूर हित में संघर्ष किया। बड़े औद्योगिक घरानों के प्रलोभनों को ठुकराकर वे अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे।
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साहित्यिक क्षेत्र में उन्होंने ‘वीर बालक’, ‘नयन-नीर’, ‘सुषमा’, ‘बापू’ जैसी दर्जनों कृतियां हिन्दी को समर्पित कीं। ‘वीर बालक’ को भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कहानियों का हिन्दी में अनुवाद कर साहित्य को नई ऊँचाइयां दीं।
गंगा प्रसाद ‘कौशल’ का जीवन संघर्ष, सादगी और सेवा की मिसाल है। जमशेदपुर ने उनके रूप में एक सच्चे समाजसेवी और साहित्यकार को खोया है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
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