उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज से आरंभ हो रहा है, जो 18 फरवरी से लेकर 5 मार्च तक चलेगा। इस सत्र के दौरान 20 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। इस बार का सत्र विशेष रूप से चर्चा में रहने की उम्मीद है, क्योंकि समाजवादी पार्टी कुंभ मेले में हुई अव्यवस्थाओं को लेकर सरकार से सवाल करेगी। सत्र का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने विपक्ष के नेताओं के साथ कार्यमंत्रणा की बैठक आयोजित की। इसी के साथ, कानून व्यवस्था पर भी चर्चा की गई, जिसमें नेता सदन ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से जरूरी जानकारी ली।
बजट सत्र की पूर्व संध्या पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने बजट सत्र के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सत्र राज्य सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं और नीतियों का खाका पेश करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने सभी नेताओं से अपील की कि वे सदन में शालीनता और संसदीय मर्यादा का पालन करते हुए सकारात्मक चर्चा करें। इस पर सभी दलों ने सदन के सुचारू संचालन में सहयोग का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि यह बजट सत्र प्रदेश के विकास को गति देने वाला होगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं से आग्रह किया कि वे जनहित के मुद्दों को उठाएं और स्वस्थ चर्चा करते हुए विकास में सरकार का सहयोग करें। योगी ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की नेतृत्वकारी गुणवत्ताओं की सराहना की और कहा कि पिछले तीन सालों की भांति इस साल भी सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
इस बार बजट सत्र में एक नई पहल के तहत विधानसभा की कार्यवाही हिंदी के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं में भी सुनी जा सकेगी। यह पहल एक अनोखा प्रयास है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से और भी अधिक जोड़ा जाना है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक विविधता भरा राज्य है, जहां विभिन्न बोलियों और भाषाओं का प्रयोग होता है।
दूसरी ओर, बजट सत्र के आरंभ से पहले ही मुख्यमंत्री ने विधानभवन के नए मुख्य द्वार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विभिन्न भित्तिचित्रों का अनावरण भी किया गया ताकि विधानसभा को और अधिक आधुनिक और भव्य बनाया जा सके। विधानसभा के सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण के तहत किए जा रहे इन कार्यों से उसकी कार्यप्रणाली और भी प्रभावी बन सकेगी।
बजट सत्र 18 फरवरी से 5 मार्च तक चलेगा, जिसमें 20 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। इस दौरान, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (संशोधन) अध्यादेश, 2025 भी सदन में पेश किया जाएगा, जिसमें आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक के सेवा विस्तार का अधिकार राज्यपाल को सौंपा जाएगा। इन सभी गतिविधियों के बीच, विधानसभा में होने वाली चर्चाएं और योजनाएं राज्य के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी।