पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की असामयिक मृत्यु को इस वर्ष मई में तीन वर्ष बीत जाएंगे। उनके छोटे भाई का जन्म, जो 17 मार्च 2024 को मनाया जाएगा, उनकी यादों को ताजा करता है। इस बीच, सिद्धू की मां, चरण कौर ने अपने बाजू पर अपने दोनों बेटों के नाम और जन्म तिथि का टैटू गुदवाया है। सिद्धू का जन्म 11 जून 1993 को हुआ था, जबकि उनके छोटे भाई का जन्म इस मार्च में होने वाला है। चरण कौर का ये टैटू अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही, लोग सिद्धू के लोकप्रिय गाने ‘गोली’ को भी याद कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि गोली लगने पर भी यह नहीं सोचना चाहिए कि वह खत्म हो गया, क्योंकि उनके दोस्त हमेशा उनके टैटू के द्वारा उन्हें याद रखेंगे।
सिद्धू मूसेवाला खुद भी टैटू गुदवाने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने बाजू पर टैटू बनवाया था जो उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा था। मूसेवाला का निधन 29 मई 2022 को मानसा के जवाहरके में हुआ, जब उन्हें छह शूटरों ने गोली मारी। उनकी हत्या की जिम्मेदारी कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह ने ली थी, जो कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ के इशारों पर चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने 35 आरोपियों को नामजद किया है, जिनमें से चार की मृत्यु हो चुकी है। उनके माता-पिता न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं और लगातार पंजाब की सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
सिद्धू के अंतिम संस्कार के दौरान, उनके पिता बलकौर सिंह ने अपने बेटे को उनके सिग्नेचर स्टाइल में श्रद्धांजलि दी थी। बलकौर सिंह, मूसेवाला के फैंस की बड़ी संख्या को देखकर भावुक हो गए थे और उन्होंने वहां उपस्थित सभी को धन्यवाद कहा। सिद्धू की मृत्यु के बाद, उनकी मां चरण कौर ने इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक के जरिए एक नए बच्चे को जन्म दिया। 23 मार्च 2024 को जन्मे इस बच्चे के आने से परिवार में खुशियों का नया दौर शुरू हुआ। सिद्धू के फैंस ने भी इस खुशी में भागीदारी की।
हालांकि, IVF तकनीक को लेकर भारतीय कानूनों में कुछ विवाद उत्पन्न हुआ था। चरण कौर, जब इस प्रक्रिया के लिए इंग्लैंड गईं, तब उनकी उम्र 58 वर्ष थी, जो भारतीय कानून के अनुसार गर्भधारण के लिए निर्धारित सीमाओं से बाहर है। इस पर केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन जब मूसेवाला के माता-पिता ने बताया कि उन्होंने विदेश जाकर IVF का उपचार कराया और भारतीय धरती पर केवल बच्चे का जन्म हुआ, तो विवाद थम गया। सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद, उनके नाम से कई गाने जारी किए गए हैं, जो उनके फैंस को प्रेरणा और साहस प्रदान करते हैं। उनके संगीत और यादें आज भी फैंस के दिलों में जिन्दा हैं।
इस प्रकार, सिद्धू मूसेवाला की यादें उनके फैंस, उनके परिवार और उनके संगीत के माध्यम से जीवित हैं। उनके द्वारा लिखे गए गीत न केवल उनकी कला को दर्शाते हैं, बल्कि उनके जीवन और संघर्ष की कहानी भी बयां करते हैं।