उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से बहराइच के बीच ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली का एक बड़ा जाल फैला हुआ है। इस गतिविधि के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है जो ट्रक मालिकों और चालक को खनन विभाग और एआरटीओ से बचाने के लिए मोटी रकम वसूल करता है। खासकर गिट्टी, बालू, और मौरंग लेकर आने वाले ट्रक ड्राइवर गिरोह के सदस्यों से अधिकारियों की लोकेशन लेते हैं ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की चेकिंग का सामना न करना पड़े। यह गिरोह एक निश्चित दर पर वसूली करता है और इसे छोड़वा देने का भी आश्वासन देता है।
सीतापुर जिले से होकर जाने वाले ट्रक बहराइच के रास्ते में महमूदाबाद से होते हैं, जहां वे स्थानीय बाइपास का उपयोग कर सीधे अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। इस मार्ग का उपयोग करने वाले ट्रक और डंपर जब बहराइच से लौटते हैं, तो फिर सीतापुर के एंट्री पॉइंट पर गिरोह से दोबारा संपर्क करते हैं। यदि उन्हें अधिकारियों की लोकेशन मिल जाती है, तो वे बिना किसी दिक्कत के अपनी यात्रा जारी रखते हैं। लेकिन यदि उन्हें हरी झंडी नहीं मिलती है, तो यह ओवरलोड वाहन दूसरे जनपदों की सीमा में ही ठहर जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में ट्रक मालिकों से प्रति वाहन 500 से 2000 रुपए वसूली की जाती है।
आंकड़ों के अनुसार, यह गिरोह रोजाना करीब 300 वाहनों से वसूली कर रहा है। महीने में इन ट्रकों की संख्या लगभग 9000 हो जाती है, जिससे एक महीने में कुल 1.80 करोड़ रुपए की वसूली होती है। यदि इसे सालाना देखा जाए, तो यह वसूली 21.6 करोड़ रुपए तक पहुंच जाती है। स्थानीय ट्रक ड्राइवर से बातचीत करने के दौरान, दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने इस अवैध वसूली के तरीके को उजागर किया। ड्राइवरों ने बताया कि रवि नामक एक व्यक्ति और उसके साथी शिवा, अधिकारियों की लोकेशन उपलब्ध कराते हैं। इसका मतलब है कि यह गिरोह पूरी तरह से संगठित है और इनकी गतिविधियां नियमित रूप से चलती हैं।
महमूदाबाद के सीओ वेदप्रकाश श्रीवास्तव ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और जल्दी ही इसकी जांच की जाएगी। अधिकारी ने वसूली गिरोह को पकड़ने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने यह स्पष्ट किया है कि स्थानीय ट्रक मालिक और चालक किस तरह से इन अवैध गतिविधियों से प्रभावित हो रहे हैं और इसके खिलाफ कार्रवाई की कितनी आवश्यकता है।
इस तरह के अवैध वसूली के मामलों ने न केवल ट्रक चालकों को परेशानी में डाला है बल्कि सरकार की छवि को भी प्रभावित किया है। स्थिति को सुधारने और ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, संबंधित अधिकारियों को भी सख्ती से कार्य करना होगा ताकि इस तरह की अवैध वसूली को रोका जा सके और ट्रक चालकों को उचित सुरक्षा एवं समर्थन मिल सके।