चंडीगढ़ नगर निगम: निर्विरोध एफएंडसीसी चुनाव में AAP का नामांकन वापसी, पूनम का चुनाव!

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चंडीगढ़ नगर निगम के हाउस की आज जनरल मीटिंग आयोजित की गई, जहाँ वित्त एवं अनुबंध कमेटी के लिए चुनाव का आयोजन हुआ। इस चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षद योगेश ढींगरा ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया, जिससे पार्टी की बागी उम्मीदवार पूनम को बिना किसी प्रतिद्वंद्विता के आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया। इस स्थिति ने चुनाव को निर्विरोध बना दिया। मीटिंग में उपस्थित सांसद मनीष तिवारी चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होते ही वहां से निकल गए। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंद्र यादव ने हंगमा करते हुए कहा कि बीजेपी ने कॉलोनी के निवासियों से जो वायदा किया था उसके संबंध में सच्चाई अब खुलकर सामने आ गई है और लोगों के साथ धोखा हुआ है।

मेयर हरप्रीत कौर बबला ने बताया कि वह शाम को गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साथ नगर निगम की आर्थिक हालत पर चर्चा करने वाली हैं। वित्त एवं अनुबंध कमेटी के पाँच सदस्यों के चुनाव में छह पार्षदों ने नामांकन किया था, जिसमें आम आदमी पार्टी की तरफ से योगेश ढींगरा, सुमन और पूनम का नाम था, जबकि बीजेपी से सौरभ जोशी और जसमनप्रीत एवं कांग्रेस से गुरप्रीत सिंह ने भी नामांकन भरा था। इस स्थिति में, AAP के मेयर चुनाव हारने के बाद पार्टी की लीडरशिप पर सवाल उठने लगे थे। इसलिए पार्टी ने चुनाव से पहले ढींगरा का नाम वापस लेने की योजना बनाई थी ताकि किसी प्रकार की बगावत का सामना न करना पड़े।

प्रेम लता ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव में हार नहीं मानी है और बीजेपी की प्रभावी भूमिका को खारिज किया। उन्होंने कहा कि लोग दिन-रात मेहनत करते हैं और वह हमेशा अपनी ईमानदारी का पक्ष लेंगी। उन्होंने AAP और कांग्रेस के सामने अपनी तरफ से खड़े होने की बात कहकर अपनी निष्ठा को भी इजहार किया। लता ने यह भी बताया कि यदि उनके साथ अन्याय हुआ है, तो उसे पार्टी की लीडरशिप देखेगी। उन्होंने अपने इलाके में काम करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ में मेट्रो परियोजना के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षों में जो योजनाएँ बनाने का आश्वासन दिया गया था, केंद्र सरकार ने उन पर अमल करने की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मेट्रो की आवश्यकता और भी अधिक महसूस होती है, यदि इसकी उचित देखरेख नहीं की गई तो भविष्य में शहर में सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना था कि मेट्रो का विकास न केवल चंडीगढ़ बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए आवश्यक है, ताकि आने वाले दशकों में शहरी परिवहन को सुगम बनाया जा सके।

चंडीगढ़ के विकास को लेकर तिवारी ने कहा कि हम सबको मिलकर दीर्घकालिक योजनाओं पर विचार करना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह शहर एक बेहतर स्थान बन सके। इसलिए, मेट्रो की परियोजना का समर्थन करना समय की मांग है।