अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 104 भारतीयों को हाल ही में डिपोर्ट किया गया, जिनमें से अधिकांश ने ‘डंकी रूट’ का उपयोग कर अमेरिका पहुंचने का प्रयास किया। डंकी रूट का जिक्र आते ही पनामा का जंगल या डेरियन गैप का नाम सामने आता है, जिसे पार करने के लिए हरियाणा, पंजाब, और गुजरात के लोग सहित अनेक भारतीय अपने सपनों के पीछे भागते हैं। यह अब एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिसके पीछे के कारणों को समझने के लिए दैनिक भास्कर ने कई ट्रैवल एजेंटों और इमीग्रेशन विशेषज्ञों से जानकारी इकट्ठा की।
डंकी रूट के माध्यम से अमेरिका जाने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं। पहला, अच्छी आय और बेहतर जीवन की तलाश; क्योंकि भारत की तुलना में अमेरिका में पैसा तेजी से कमाया जा सकता है। दूसरा, अमेरिका जाने के लिए वीजा प्राप्त करने में कठिनाई; कई लोग वीजा प्रक्रिया में अनियमितताओं या अंग्रेजी के मुद्दों के चलते इसे हासिल नहीं कर पाते। तीसरा, सामाजिक प्रेशर; पड़ोसी या रिश्तेदार पहले अमेरिका जा चुके हैं, इससे उत्पन्न प्रतिस्पर्धा भी लोगों को इस मार्ग पर धकेलती है।
अमेरिका जाने की चाह में लोग अक्सर अपने घर और गहने बेचकर, लोन लेकर या अपनी जीवन भर की बचत डोंकरों को दे देते हैं। ये डोंकर उन्हें बकायदा पैकेज की पेशकश करते हैं, जिसमें अमेरिका में अच्छी नौकरी और स्थायी निवास की बातें शामिल होती हैं। लोग इस भ्रम में ग्रस्त होकर डंकी रूट से जाने की तैयारी करते हैं। भारत से अमेरिका की दूरी प्रत्यक्ष हवाई यात्रा से तो लगभग 13,500 किमी है, लेकिन डंकी रूट से यह दूरी 15,000 किमी तक बढ़ जाती है और यह यात्रा कई महीनों तक चलती है।
डंकी रूट का सबसे प्रमुख पड़ाव लैटिन अमेरिका में पहुंचना होता है। यहां भारतीयों को वीजा ऑन अराइवल मिलता है। लेकिन उस यात्रा में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, जैसे खतरनाक जंगल, जहरीले जानवर और तस्करी से जुड़ी हिंसा। पनामा की जंगलों की यात्रा बेहद खतरनाक होती है, जिसमें अक्सर लोगों का अपहरण या लूट की घटनाएं होती हैं। पनामा के जंगलों से निकलने के बाद, ग्वाटेमाला आना और फिर से अगला चरण अमेरिका की ओर बढ़ना होता है। इस प्रक्रिया में कई बार भारतीयों को महीनों का समय लगता है और कई बार जान भी जा सकती है।
अंत में, अमेरिका पहुंचने के बाद बहुत सी चुनौतियाँ शुरू होती हैं, जैसे कि यदि डंकी का परिवार अमेरिका में नागरिक है या नहीं। यदि ऐसा है, तो उनकी स्थिति में कुछ राहत मिल सकती है। ट्रैवल एजेंट के जरिए अमेरिका जाने का प्रयास करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे एजेंट की पहचान अच्छी तरह से जांचें और सिर्फ रजिस्टर किए हुए एजेंट के माध्यम से आवेदन करें। वीजा के लिए सही प्रक्रिया अपनाने से अनेक कठिनाइयों से बचा जा सकता है। इस विषय पर कई विशेषज्ञों ने भी अपनी राय दी है, जिसमें विख्यात बातें शामिल हैं कि बिना किसी विकल्प के अवैध रास्ते अपनाने से सिर्फ जीवन को खतरा रहता है, बल्कि भविष्य भी अधर में लटक जाता है।