नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने चंडीगढ़ में कोठी और पंजाब में पुलिस थानों पर हुए ग्रेनेड हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हैप्पी पासिया पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। पासिया, जो विदेश में बैठा है, इन हमलों को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस संदर्भ में, NIA ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें जनता से अनुरोध किया गया है कि वे फोन, वॉट्सऐप और ईमेल के माध्यम से पासिया के बारे में जानकारी साझा करें। इसके अलावा, NIA ने चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट के लिए मामले की अर्जी दी है, जिस पर 9 जनवरी को सुनवाई होगी।
साथ ही, लुधियाना कोर्ट परिसर में 23 दिसंबर 2021 को हुए एक बम विस्फोट के मामले में NIA ने चार आरोपियों की जायदाद कुर्क की है। स्पेशल कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है, जिसके तहत सुरमुख सिंह की 15 कनाल 19 मरला, दिलबाग सिंह की 27 कनाल 16 मरला, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी की 27 कनाल 16 मरला और राजनप्रीत सिंह की 15 कनाल 18 मरला जमीन जब्त की गई है। दोनों मामलों में NIA की गतिविधियों को ध्यान से देखने की आवश्यकता है, क्योंकि ये घटनाएं आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकती हैं।
पासिया की सक्रियता की कहानी तब शुरू होती है जब कनाडा में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई, जिसके बाद अर्श डल्ला उर्फ अर्शदीप सिंह गिल ने खालिस्तान टाइगर फोर्स के लिए काम करना शुरू किया। डल्ला की गिरफ्तारी के बाद, पासिया फिर से सक्रिय हो गया, और उसने गोपी नवांशहरिया के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों को अंजाम देने का कार्य प्रारंभ किया। जांच में यह पाया गया कि पासिया ने चंडीगढ़ के पॉश इलाकों में ग्रेनेड हमलों को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली है, जिनमें से कई हमले पाकिस्तान में छिपे आतंकियों से निर्देशित किए गए थे।
आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से पंजाब में ग्रेनेड हमलों की एक लंबी श्रृंखला देखने को मिल रही है। इन हमलों में चंडीगढ़ के सेक्टर-10 में ग्रेनेड हमला और अमृतसर के अजनाला थाना क्षेत्र में RDX बरामदगी जैसे उदाहरण शामिल हैं। हाल के महीनों में, अमृतसर के गुरबख्श नगर और नवांशहर के काठगढ़ थाने में भी समान घटनाएं घट चुकी हैं। हालांकि, पुलिस कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल हुई है, लेकिन फिर भी यह स्पष्ट है कि हैप्पी पासिया और उसके सहयोगियों का नेटवर्क काफी सक्रिय है।
साल 2021 में लुधियाना कोर्ट परिसर में हुए भयंकर विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी दी है। इस विस्फोट में एक शव मिला था, जिसके आगे की जांच से पता चला कि यह पूर्व पुलिस कांस्टेबल का था। अब जब NIA ने पासिया और उसके साथियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की योजना बनाई है, तो यह देखना होगा कि क्या इससे पंजाब में आतंकवाद की गतिविधियों पर काबू पाया जा सकेगा। सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों और जनता की सक्रिय भागीदारी से ही इस चुनौती का सामना किया जा सकता है।