बठिंडा में RSS चीफ तोगड़िया का ऐलान: रोहिंग्या बाहर होंगे, नमाज के बाद हनुमान चालीसा पढ़ें!

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आज बठिंडा में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया का आगमन हुआ, जहां उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में एक बार फिर एक सशक्त हिंदू साम्राज्य की स्थापना की जाएगी। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो हम अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए अत्यावश्यक उपाय भी कर सकते हैं। तोगड़िया ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इसे जल्द ही लागू किया जाना चाहिए।

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए उन्होंने हिंदू समुदाय से आह्वान किया कि हर शनिवार को शुक्रवार की नमाज के बाद हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया जाए। उन्होंने बताया कि शुरुआत में हनुमान चालीसा का पाठ एक लाख गांवों में किया जाएगा, इसके बाद पांच लाख और अंत में ग्यारह लाख गांवों तक इसका विस्तार किया जाएगा। यह प्रयास हिंदू संस्कृति को पुनर्जीवित करने और उसे मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

इसके साथ ही, प्रवीण तोगड़िया ने रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर निकालने की बात कही। उनका कहना था कि इस कदम से भविष्य में संभावित समस्याओं से बचा जा सकेगा। उन्होंने हिंदू समुदाय से अपील की कि वे प्रयागराज कुंभ में पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद में शामिल हों। उन्होंने संगठन के सदस्यों से कहा कि वे व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ें, लेकिन जरूरत पड़ने पर धर्म की रक्षा के लिए भी लड़ने के लिए तत्पर रहें।

बठिंडा में अपने दौरे के दौरान, तोगड़िया ने तलवंडी साबो की यात्रा भी की, जहां उन्होंने तख्त श्री दमदमा साहिब में जाकर माथा टेका। इससे पहले, उन्होंने वहां हिंदू संगठनों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बनाना और समाज में जागरूकता फैलाना था। उनका यह दौरा और उनके विचार हिंदू समुदाय के लिए एक नई प्रेरणा देने वाला साबित हो सकता है।

प्रवीण तोगड़िया का यह भाषण और उनके विचार न केवल हिंदू समुदाय के अंदर एक नई चेतना का संचार कर सकते हैं, बल्कि आने वाले दिनों में धार्मिक संगठनों की गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकते हैं। उनका संदेश स्पष्ट है कि वे एकजुट होकर एक सशक्त हिंदू पहचान की स्थापना की दिशा में दृढ़ संकल्पित हैं। यह देखने वाली बात होगी कि उनकी योजनाएं और घोषणाएं किस तरह से वास्तविकता की ओर बढ़ती हैं और समाज में किस प्रकार का बदलावा लाती हैं।