जबलपुरः जलवायु परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ विषय पर कार्यशाला संपन्न

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जबलपुर, 14 मार्च (हि.स.)। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और कृषि आयुक्त एम.सेल्वेन्द्रन द्वारा बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (बीसा) जबलपुर में जलवायु परिवर्तन एवं मृदा स्वास्थ विषय पर आयोजित कार्यशाला में उपस्थित होकर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों व बीसा के कृषि वैज्ञानिकों के साथ ही कृषि विभाग के उप संचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा के साथ चर्चा कर रणनीति तैयार की गई। साथ ही बीसा संस्थान द्वारा किये जा रहे फसल अवशेष प्रबंधन कर जीरो टिलेज तकनीक के प्रदर्शन का भी अवलोकन किया गया।

अपर मुख्य सचिव वर्णवाल ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के अधिकारी नवीन उन्नत तकनीक को सरल भाषा में किसानों तक पहुँचाये आार उनको समझायें। कृषि आयुक्त एम.सेल्वेन्द्रन ने कहा कि प्रत्येक ज़िले से किसानों को एक्सपोज़र विजिट कराकर उन्नति व तकनीक दिखाये और दो-दो क्लाइमेट स्मार्ट विलेज का चयन कर वहाँ इस नवीन तकनीक को किसानों तक पहुँचाएं।

बीसा के एमडी डॉ.अरुण जोशी व प्रमुख वैज्ञानिक डॉ.रवि गोपाल ने चर्चा के दौरान किसानों से जीरोटिलेज तकनीक से फसल अवशेष प्रबंधन करके मृदा के स्वास्थ को सुधारने और फसल विविधीकरण अपनाकर टिकाऊ खेती अपनाने पर ज़ोर दिया। इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के प्रमुख डॉ.हितेन्द्र राय, संचालक विस्तार सेवायें डॉ.दिनकर शर्मा, ब्रीडर प्रमुख डॉ.शुक्ला व संयुक्त संचालक कृषि जबलपुर के.एस.नेताम सहित छिंदवाड़ा ज़िले के उप संचालक कृषि जितेंद्र कुमार सिंह, सहायक संचालक कृषि धीरज ठाकुर, सीडीओ अमरवाडा के सचिन जैन और अन्य जिलों के उप संचालक कृषि व परियोजना संचालक आत्मा भी उपस्थित थे।