सागरः मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अपने जन्म दिन पर दी पशु एंबुलेंस की सौगात

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22HREG1 सागरः मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अपने जन्म दिन पर दी पशु एंबुलेंस की सौगात

– स्वच्छ सर्वेक्षण महाअभियान का शुभारंभ किया

सागर, 21 मई (हि.स.)। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने रविवार को अपने जन्मदिन पर 30 लाख की लागत से श्री सिद्धिसागर हनुमान मंदिर व राम-जानकी मंदिर का शिखर निर्माण और सौंदर्यीकरण का लोकार्पण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वच्छता महा संकल्प अभियान का शुभारंभ भी किया। एक पशु चिकित्सा एंबुलेंस रवाना की और एक ट्रेक्टर नगरपालिका को सौंपा। नगरपालिका खुरई की सभी महिला सफाई कर्मी बहनों को साड़ियां वितरित कीं।

सिद्धिसागर मंदिर में श्री मानस संकीर्तन रामायण मंडल की ओर से पुजारी शैलेन्द्र चौहान व रजनीश दुबे ने मंत्री भूपेंद्र सिंह को श्री देव हनुमान के मुख्य अस्त्र गदा भेंट कर उनका अभिनन्दन किया। महाकाली टीन शेड पर संकीर्तन मंडल की ओर से मंत्री श्री सिंह के उत्तम स्वास्थ्य और खुरई की सुख समृद्धि के लिए श्री 5100 हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन विप्र बंधुओं की ओर से किया गया। मंत्री सिंह ने अपने भावपूर्ण संबोधन में खुरई वासियों की ओर से मिले प्रेम और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया।

नगरपालिका चौराहे पर भी मंत्री भूपेंद्र सिंह का स्वागत कार्यक्रम रखा गया। नपा उपाध्यक्ष राहुल चौधरी ने पगड़ी पहनाकर मंत्री सिंह का स्वागत किया। विभिन्न मोर्चा प्रकोष्ठों की ओर से उनका स्वागत किया गया। नगरपालिका कार्यालय परिसर में स्टाफ ने मंत्री भूपेंद्र सिंह का नारियलों से तुलादान किया।

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री स्वच्छ सर्वेक्षण संकल्प महाअभियान का शुभारंभ प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नितिन पटेरिया द्वारा लिखित व संगीतबद्ध किया गये खुरई विकास गीत पर आधारित शार्ट फिल्म की लांचिंग भी की।

रक्तदातांओं का ऋणी हूं, नागरिकों की चिंता करना मेरी जिम्मेदारी हैः भूपेंद्र सिंह

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जिन्होंने भी मेरे जन्मदिन पर आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान किया, उन सभी रक्तदानियों का मैं व्यक्तिगत रूप से ऋणी हूं। उन सभी के सुख-दुख की चिंता करना मेरी जिम्मेदारी है। मंत्री सिंह रविवार शाम को अपने जन्मदिन पर तीनबत्ती के स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मंत्री सिंह को रक्त से तौला गया व तीन दिवसीय शिविर में एकत्रित रक्त को जिला चिकित्सालय व बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंकों को सौंप दिया गया। उन्होंने सागर नगर निगम के द्वारा बनाए गए एक रक्तदान एप को भी इस मौके पर लांच किया।

मंत्री सिंह ने कहा कि यह मात्र रक्तदान नहीं है यह जीवनदान ही है। ईश्वर न करे पर किसी को भी आकस्मिक रूप से रक्त की जरूरत पड़ जाती है। डायलिसिस वालों को, कैसर, थैलीसीमिया पीड़ितों को आवश्यकता पड़ती ही रहती है। दुर्भाग्य से इनमें से कोई गरीब हुआ तो रक्त नहीं जुटा पाता। उन्होंने कहा कि ऐसे जरूरतमंदों को यह रक्त मिलता ही है, साथ ही यही रक्त चिकित्सालयों के रक्त बैंकों में रोटेट होता है। लोग आवश्यानुसार ग्रुप का ब्लड ले जाते हैं उसकी जगह अपना रक्तदान कर जाते हैं।

उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर फूल-मालाएं, केक, पटाखे और आतिशबाजी व्यर्थ हैं। आप जन्मदिन पर किसी का कल्याण करने वाला सार्थक आयोजन करते हैं तो वह छोटा सा काम भी आत्मा को संतोष देता है। उन्होंने बताया कि इसी रक्तदान शिविर में अर्जित रक्त को कल लगभग 40 ऐसी एनीमिक महिलाओं को चढ़ाया गया जो गरीब परिस्थितियों के कारण ब्लड का इंतजाम नहीं कर पा रहीं थीं। इनमें से कई महिलाएं गर्भवती व शिशुवती थीं। क्योंकि 7 जीएम से कम हीमोग्लोबिन वाली माता और उसके शिशु दोनों के प्राण असुरक्षित होते हैं। तो आप पाएंगे कि यह तो सीधा जीवनदान ही है।

उन्होंने कहा कि इस शिविर की उपादेयता रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी है। परिवार के लोग और रिश्तेदार भी यदि रक्तदान से डरें और हिचकें तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। मंत्री सिंह ने बताया कि हमारे देश में 10-15 प्रतिशत लोग रक्त देते हैं और 85-90 प्रतिशत लोग उन पर निर्भर रहते हैं। इस आंकड़े को बदलना होगा क्योंकि वस्तुतः रक्तदान रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है।